जल नहीं ता नगर निगम को जलकर नहीं की उठी मांग
छिंदवाड़ा
07-Jul-26
मई-जून का जलकर माफ कराने और बढ़ाये गये कर को वापस लेने कलेक्टर को ज्ञापन
छिंदवाडा

जल नहीं तो नगर निगम को जलकर किस बात का दिया जाए। अब ये नगर निगम की समस्या नहीं बल्कि जनता के लिए मुद्दा बन गया है जो कहीं न कहीं आगे चलकर नगर निगम के लिए सिरदर्द बनेगा। विगत दो महीने से जल संकट से जूझ रही शहर की जनता अब मुद्दे पर मुखर हो रही है। मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर कलेक्टर ऑफिस में चल रही जनसुनवाई में शहर के एक समाजसेवी ने ज्ञापन देकर बढ़ा हुआ जलकर वापस लेने और मई-जून का जलकर माफ करने की मांग कर दी।
पिछले दो माह से डेढ़ से ज्यादा की आबादी परेशान
नगर पालिक निगम छिंदवाड़ा द्वारा विशेषकर शहरी क्षेत्र के कई वार्डाे में विगत् माह मई एवं जून में माह मंे मात्र 8-10 दिन ही जल प्रदाय किया गया और जल प्रदाय नहीं किये जाने के कारण वार्डवासियों को टेंकरों से एवं अन्य सप्लायरों से पानी लेने विवश होना पड़ा क्योंकि एक ओर नगर पालिक निगम द्वारा नल बिल जो कि 175 रूपये प्रतिमाह था उसे 260 रूपये प्रतिमाह कर दिया है एवं निगम प्रशासन तो जलकर के नाम पर करोड़ों रूपये प्रतिमाह कमाई कर रहा है, वहीं शहर की जनता को मिलने वाली मूलभूत सुविधा निगम देने में नाकाम साबित हुआ है । जिससे संपूर्ण नगर की जनता में आक्रोष व्याप्त है । विगत 2 माह से माह में मात्र 8-10 दिन ही पेयजल की सप्लाई हुई है, जबकि वार्डाे में सार्वजनिक कुॅये, हैंडपंप या नलकूप की व्यवस्था नहीं है जिससे आम आदमी अपनी प्यास बुझा सके, इसलिये आाम नागरिक को खरीदकर पानी पीना पड़ा इसलिये लिये निगम प्रशासन जबावदार है।
बढ़ा हुआ जलकर मजदूरों पर अन्याय
समाजसेवी दयानंद ने जन सुनवाई में आवेदन देकर अवगत कराया कि नगर पालिक निगम छिंदवाड़ा के अंतर्गत 48 वार्ड आते हैं, जिनमें लगभग 15 वार्ड ग्रामीण क्षेत्रों के शामिल कर लिये गये हैं जिनमें से अधिकांश वार्ड स्लम एरिया में आते हैं जहॉ निवासरत जनता अपना जीवन किसी तरह मेहनत, मजदूरी कर एक वक्त की रोटी की व्यवस्था बमुश्किल करते आ रही है, एवं नगर निगम सुविधा के नाम पर वार्डवासियों को कोई सुविधा प्रदान की जा रही है, बावजूद आये दिन विभिन्न प्रकार के टेक्स लगा दिये गये, यह जानते हुये कि जिले की अधिकांश जनता बेरोजगार है और यहॉ कहीं कोई बड़ी फेक्ट्री नहीं है, जिससे कि लोगों को रोजगार मिल पायेे इसलिये आज हजारों लोग फुटपाथ पर व्यवसाय कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं,। जनता आर्थिक परेशानियों से गुजर रही है, वहीं दूसरी ओर निगम द्वारा लगातार अन्य मदों में जैसे संपत्ति कर, जलकर कर, कचरा गाड़ी के नाम पर कर और अन्य प्रकार के टेक्स की राशि का बोझ आम जनता पर डाल तो दिया है, और सुविधा के नाम पर कोई सुविधा निगम द्वारा प्रदान नहीं की जा रही है । उन्होनें प्रशासन से मांग की है कि विगत् दो माह के जलकर माफ करने एवं बढ़ाये गये समस्त संपत्ति कर वापस लेने की मांग की है ।