कुंडीपुरा पुलिस ने हत्या के आरोपी को एक माह के अंदर पकड़ा
छिंदवाड़ा
18-Jul-25
छिंदवाड़ा
सिवनी रोड स्थित ग्राम उमरिया ईसरा में पिछले महिने एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की जानकारी कुंडीपुरा थाने को मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पीएम कराया जिससे किसी कठोर वस्तु से उसकी हत्या की पुष्टि हुई। अज्ञात के खिलाफ मर्ग कायम कर पुलिस ने एक टीम बनाई और जांच शुरू कर दी। घटना को मात्र 20 दिन बीते है और कुंडीपुरा पुलिस ने इस हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया। हत्यारे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
सिवनी रोड स्थित ग्राम उमरिया ईसरा में पिछले महिने एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की जानकारी कुंडीपुरा थाने को मिली थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पीएम कराया जिससे किसी कठोर वस्तु से उसकी हत्या की पुष्टि हुई। अज्ञात के खिलाफ मर्ग कायम कर पुलिस ने एक टीम बनाई और जांच शुरू कर दी। घटना को मात्र 20 दिन बीते है और कुंडीपुरा पुलिस ने इस हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया। हत्यारे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

ग्राम उमरिया ईसरा के कोटवार सुनील नांदेवार ने 28 जून 2025 को कुण्डीपुरा पुलिस को सूचना दी कि एक अज्ञात व्यक्ति का शव सूपचंद इवनाती के घर के पास पड़ा है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बरामद कर पीएम कराया। इधर पुलिस को जानकारी मिली कि मृतक ग्राम आमटा टोला का रहने वाला मनीराम जमोरे है जिसकी उम्र लगभग 55 वर्ष है। पीएम रिपोर्ट में मृतक की हत्या किसी कठोर वस्तु के मारने की पुष्टि हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष गुप्ता एवं नगर पुलिस अधीक्षक अजय राणा के मार्गदर्शन में विशेष टीम का गठन किया गया है। टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिसमें धनोरा गोसाई निवासी 30 वर्षीय मंगल सिंह को घटना स्थल के आसपास देखा गया पाया। पुलिस मंगल सिंह को खोज निकाला और उससे पूछताछ की । पूछताछ में मंगल ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। मंगल ने पुलिस को बताया कि वह अपने ससुराल उमरिया ईसरा जा रहा था तभी रास्ते में मनीराम ने उससे लिफ्ट मांगी। बाद में रास्ते में दोनों ने शराब पी । शराब पीने के बाद दोनों के बीच विवाद हो गया और गुस्से में उसने लकड़ी मनीराम के सिर पर चेहरे पर मारी जिससे वह मर गया। बाद में सुसर को फंसाने की नीयत से उसने शव को ससुर के घर के पास फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी मंगल के पास से हत्या में प्रयुक्त लकड़ी, घटना के समय पहने कपड़े, आईस्मार्ट मोटरसायकिल, पोको कंपनी का मोबाइल फोन जप्त किया। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस अंधे हत्या कांड को सुलझाने वाली टीम में थाना प्रभारी महेन्द्र भगत, उपनिरीक्षक अविनाश पारधी, करिश्मा चौधरी, डोलसिंह बरकड़े, मनोज रघुवंशी, राजेश शर्मा, रविन्द्र ठाकुर, विनोद राजपूत, हरीश वर्मा, रंजीत विश्वकर्मा, जीवन रघुवंशी, प्रदीप चंद्रवंशी, विनोद नागेश, पुष्पराज, सतीश बघेल और साइबल सेल की टीम आदित्य रघुवंशी, नितिन ठाकुर और अभिषेक ठाकुर की सराहनीय भूमिका रही।