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छात्रों को पॉक्सों एक्ट की जानकारी होना बेहद जरूरी: न्यायाधीश राकेश सिंह

छात्रों को पॉक्सों एक्ट की जानकारी होना बेहद जरूरी: न्यायाधीश राकेश सिंह
शिक्षा
22-Sep-26
लिंगा के हायर सेकेण्डरी स्कूल में विशेष जागरूकता शिविर

छिंदवाड़ा

बाल अपराधों की रोकथाम और बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लिंगा में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला प्रधान न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशांत हुद्दार के दिशा-निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य एस.आर. ठाकरे ने की।

पॉक्सों एक्ट की अज्ञानता से बढ़ रहे अपराध

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पॉक्सो एक्ट की सही जानकारी न होने के कारण समाज में अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर छात्र-छात्रा को इस कानून की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे खुद को सुरक्षित रख सकें और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें। न्यायाधीश राकेश सिंह ने 18 वर्ष से कम व अधिक उम्र के लोगों द्वारा नाबालिगों के यौन उत्पीड़न के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नशे की लत के कारण भी अपराधों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है, जिससे युवा पीढ़ी को दूर रहने की सख्त जरूरत है।

इन गतिविधियों को माना गया अपराध

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि बाल विवाह अधिनियम के तहत नाबालिग का विवाह कानूनी अपराध है। लड़कियों के साथ छेड़खानी, पीछा करना, फब्तियां कसना या मजाक उड़ाना अपराध की श्रेणी में आता है। किसी के घर में तांक-झांक करना, महिलाओं या बालिकाओं की फोटो/वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करना दंडनीय है। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने में सावधानी बरतें। सार्वजनिक स्थानों, बसों, ट्रेनों या कार्यस्थलों पर होने वाली कोई भी शरारत या अभद्रता कानूनी अपराध माना जाएगा।

आपातकालीन नंबरों व विधिक सहायता की दी गई जानकारी

विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य ने बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय अधिनियम और प्रदेश में गुमशुदा बच्चों की स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे, इसके लिए निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। शोषण या किसी भी आपात स्थिति में सहायता के लिए निःशुल्क टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई जिसमें पुलिस आपातकालीन सेवा 112, महिला हेल्पलाइन 1090, राष्ट्रीय महिला आयोग हेल्पलाइन 14490 प्रमुख है।

छात्राओं को सौंपी गई बाल संरक्षण पुस्तकें

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित छात्राओं को जागरूकता पैम्फलेट बांटे गए। इसके साथ ही प्राचार्य एस.आर. ठाकरे को छात्राओं के अध्ययन के लिए बाल संरक्षण विषय पर आधारित पाठ्य पुस्तकें भेंट की गईं। इस आयोजन को सफल बनाने में शिक्षक जी.डी. चौधरी, प्रदीप खेलवाड़ी, रश्मि शर्मा, एम. धुर्वे, श्वेता शर्मा, नीलिमा ठाकुर, सुकराम बुनकर, संजय पाल, शोभा फरकारे सहित समस्त विद्यालय स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।
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