एमएसएमई इकाइयों को योजनाओं एवं सुविधाओं की दी जानकारी
छिंदवाड़ा
10-Sep-26
दो दिवसीय रैम्प कार्यशाला का हुआ समापन

छिन्दवाडा
भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय एवं विश्व बैंक समर्थित रैम्प योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से 9 एवं 10 सितंबर 2026 को दो दिवसीय रैम्प कार्यशाला का आयोजन लघु उद्योग भारती के तत्वावधान में रेमेन्स पार्टी हॉल, वीआईपी रोड छिंदवाड़ा में किया गया। कार्यशाला कलेक्टर हरेंद्र नारायन के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुई। कार्यक्रम में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अग्रिम कुमार, जिला अग्रणी प्रबंधक सतीश कुमार, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्रीमती ओजस्वी शर्मा, प्राचार्य शासकीय आईटीआई शुभम निमजे, लघु उद्योग भारती अध्यक्ष सौरभ राय, सचिव सुधीर शर्मा सहित बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित थे।
दो दिवसीय कार्यशाला के प्रथम दिवस जिले में स्थापित एमएसएमई इकाइयों, महिला स्व-सहायता समूहों, किसान बंधुओं तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों के लिए उद्यम क्षमता संवर्धन से संबंधित विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में RAMP योजना पर मयूर शर्मा, ZED (Zero Effect, Zero Defect) पर कुलदीप पाण्डे, IPR (बौद्धिक संपदा अधिकार) पर आनंद पाण्डे, ESG पर हर्षित जोशी तथा ONDC पर गिरिराज गोस्वामी ने महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
कार्यशाला के अंतिम दिवस उद्यानिकी विभाग प्रमुख एम.एल. उइके द्वारा पीएमएफएमई योजना एवं अन्य शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई। जिला अग्रणी प्रबंधक सतीश कुमार ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना एवं अन्य वित्तीय साक्षरता संबंधी योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान की। महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र श्रीमती ओजस्वी शर्मा ने मध्यप्रदेश एमएसएमई प्रोत्साहन योजना एवं मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
कार्यशाला में मुज़म्मिल कुरैशी द्वारा गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) तथा समीर मिश्रा द्वारा Walmart वृद्धि के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि एमएसएमई इकाइयां विभिन्न योजनाओं एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय का विस्तार करने के साथ-साथ बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को भी बढ़ा सकती हैं। कार्यशाला में बड़ी संख्या में एमएसएमई इकाइयां, पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत लाभान्वित इकाइयां, स्व-सहायता समूह एवं किसान शामिल हुए। इस अवसर पर कलेक्टर श्री नारायन ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं जिले में स्थापित एमएसएमई इकाइयों के उन्नयन, क्षमता संवर्धन एवं व्यवसाय विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने उपस्थित उद्यमियों एवं हितग्राहियों से कार्यशाला में दी गई जानकारी का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने उद्यमों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।