भाजपा की सरकार में राजा बोले-आमा फूले वाली कहावत चरितार्थ हो रही: ओकटे
छिंदवाड़ा
17-Jan-26
जनता शुद्ध पेयजल के अभाव में तोड़ रही दम, भाजपा को नहीं पहुंच रहा कोई फर्क
छिन्दवाड़ा
जिले के प्रत्येक शहर व ब्लॉक मुख्यालय पर कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों ने उपवास रखकर धरना देकर इंदौर के भागीरथपुरा में जहरीले पानी से हुई निर्दाेष लोगों की मौत व मनरेगा योजना में किए गए बदलाव के विरोध में उपवास रखकर धरना दिया। जिलेभर से कांग्रेस ने एक ही मांग की..जनता को शुद्ध पेयजल प्रदान करें और मनरेगा में किए गए बदलाव को तत्काल वापस लें, क्योंकि यह राजनीति की नहीं बल्कि जनता के स्वास्थ्य व जरूरतमंदों को रोजगार से विमुख करने का विषय है।

चौरई विधानसभा के आदिवासी अंचल बिछुआ में आयोजित उपवास व धरना कार्यक्रम में पहुंचे जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने कहा कि भाजपा की सरकार में राजा बोले आमा फूले वाली कहावत पूरी तरह से चरितार्थ हो रही। मनरेगा योजना में बदलाव से होने वाले नुकसान का कोई आंकलन नहीं किया गया। बदलाव से रोजगार की कोई गारंटी नहीं रही। प्रदेश सरकार पर अब 40 प्रतिशत को बोझ पड़ेगा, पहले से कर्ज में डूबी हुई सरकार किस तरह इस योजना को संचालित करेगी यह भी सबसे बड़ा सवाल है। भाजपा के पास कोई विजन नहीं है, क्योंकि वह टेलीविजन पर टिकी हुई सरकार है, इसीलिये केवल नाम बदलने तक सीमित है।
आयोजित धरना आंदोलन को सम्बोधित करते हुए चौरई विधायक सुजीत चौधरी ने कहा कि नया कानून इस तरह से बनाया गया है, ताकि मनरेगा को खत्म किया जा सके। कोविड और कई दूसरे संकटों के समय मनरेगा एक बड़ा सुरक्षा कवच बनकर सामने आया था। नये कानून में केंद्र सरकार द्वारा श्ग्रामीण क्षेत्रश् की घोषणा शामिल है। यानी, नये कानून के तहत रोजगार की गारंटी उन इलाकों पर लागू नहीं होगी जिन्हें केंद्र सरकार ने श्ग्रामीणश् के तौर पर लिस्ट नहीं किया है। जबकि मनरेगा में सभी ग्रामीण जिलों में रोजगार दिया जाता था, जिससे यह पूरे भारत की योजना बनी। ज्यादातर राज्यों को एक जरूरी सोशल वेलफेयर स्कीम के तहत मजदूरी का 40 प्रतिशत देना होगा। यह शर्त ज्यादातर राज्यों में इस स्कीम को कमजोर करती है, क्योंकि अधिकांश राज्यों के पास अनुमानित 56 करोड़ रुपये का मजदूरी बिल उठाने के लिए आर्थिक संसाधन नहीं है (फाइनेंशियल रिसोर्स) नहीं हैं।
आयोजित उपवास एवं धरना में बिछुआ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के समस्त पदाधिकारी व कार्यकर्तागण सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।