मानवता शर्मसार: ओडिशा की मजदूर महिला को सिंगोड़ी में बेचा
छिंदवाड़ा
07-Jun-25
पुलिस की सजगता से मामला उजागर, आरोपी गिरफ्तार
छिंदवाड़ा
आमतौर पर छिंदवाड़ा जिले के निवासियों को काफी संवेदनशील और शांत माना जाता है। यहां अपराध की संख्या भी मध्यप्रदेश के और जिलों की तुलना में कम ही होते हैं लेकिन शुक्रवार को पुलिस ने जिस अपराधिक मामले को उजागर किया उससे न केवल मानवता शर्मसार हुई बल्कि छिंदवाड़ा में मानव तस्करी का कलंक भी लग गया।
पुलिस के अनुसार ओडिशा निवासी एक महिला के बेटे ने 5 जून को शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस सक्रिय हुई और उसने पूरे मामले पर से पर्दा उठा दिया। पुलिस ने बताया कि उक्त महिला 26 मार्च को देवगढ़ में इलाज के लिए आई थी। वहां आरोपी कुन्नू उर्फ कंदर्प नायक और नंदिनी नायक मिले जिन्होंने आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाया और अधिक मजदूरी दिलाने का लालच देकर नरसिंहपुर ले गए। नरसिंहपुर में राकेश शुक्ला ने पीड़िता को सिंगोड़ी के गुरैया गांव निवासी छिदामी मालवीय और नीरज मालवीय को एक लाख रूपए में बेच दिया। पीड़िता 2 जून को आरोपियों के चंगुल से भागने में सफल रही और वह पुलिस के पास पहुंच गई। फिलहाल उसे वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है और उनके परिजनों को सूचना दी गई है।
पुलिस ने ओडिशा के जोकापानी निवासी कुन्नू उर्फ कंदर्प नायक, अरकिल निवासी नंदिनी नायक, नरसिंहपुर के छबारा निवासी राकेश शुक्ला, अमरवाड़ा के गुरैया निवासी छिदामी मालवीय व नीरज मालवीय को गिरफ्तार किया हे। उनके पास से मोबाइल फोन और 4000 रूपए नगद बरामद किए हैं। इस मामले की तह तक पहुंचने में जिस पुलिस टीम ने काम किया उनमें चौकी प्रभारी पंकज राय, राजकुमार सनोडिया, रामदयाल भलावी, हरिप्रसाद उईके, इकलेश, पीयूष, उमाशंकर, महिला आरक्षक दिव्या व काजल बिसेन शामिल थीं।