गर्मी से बचाव के लिये स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
छिंदवाड़ा
02-Apr-26
छिन्दवाडा
गर्मी के मौसम की शुरुआत के साथ ही जिले में बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लू (तापघात) से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश गोन्नाडे ने जानकारी देते हुए बताया कि शुष्क और अत्यधिक गर्म वातावरण में लू लगने की संभावना बढ़ जाती है, विशेषकर जब व्यक्ति लंबे समय तक धूप में रहता है।
घर से निकलते वक्त रखे इन बातों का ध्यान
उन्होंने बताया कि आमजन कुछ सावधानियां अपनाकर लू से बच सकते हैं। गर्मी में बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, भोजन और पानी लेकर ही घर से निकलें, सिर, गर्दन और कान को गमछे या तौलिये से ढककर रखें तथा छतरी और चश्मे का उपयोग करें। दिनभर में अधिक मात्रा में पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें तथा बाहर जाते समय पानी साथ रखें। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है और उन्हें अनावश्यक धूप में बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी कहा है कि घरों में तेज धूप को अंदर आने से रोकें और ठंडे मौसमी फलों का सेवन करें। जहां तक संभव हो, लंबे समय तक धूप में रहकर भारी कार्य या व्यायाम न करें तथा नंगे पांव बाहर न चलें।
लू लगने के क्या है लक्षण
लू लगने पर व्यक्ति में तेज सिरदर्द, मुंह और जीभ का सूखना, अत्यधिक प्यास, पसीना आना, शरीर में पानी की कमी, आंखों में जलन, पेशाब में जलन, त्वचा का लाल या सूखा होना, शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक होना, मतली, उल्टी, मांसपेशियों में ऐंठन, सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना, चक्कर आना और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
कैसे करें प्राथमिक उपचार
लू लगने की स्थिति में रोगी को तुरंत छायादार स्थान पर लिटाकर उसके कपड़े ढीले करें और हवा लगाएं। यदि रोगी बेहोश हो तो उसे कुछ भी खाने-पीने को न दें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें। होश में आने पर ठंडे पेय पदार्थ, ओआरएस या कच्चे आम का शर्बत (पना) दिया जा सकता है। शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडे पानी से स्नान कराएं या ठंडी पट्टियां रखें। फफोले होने पर स्टरलाइज ड्रेसिंग कराएं और चिकित्सकीय परामर्श लें। गंभीर स्थिति जैसे तेज नब्ज या बेहोशी होने पर तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा को बुलाकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराएं। सीएमएचओ डॉ. गोन्नाडे ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में इन सावधानियों को अपनाकर स्वयं और अपने परिवार को लू (तापघात) से सुरक्षित रखें।