ग्राम पंचायतों के कर्मचारियों ने बापू की प्रतिमा पर धरना दिया
छिंदवाड़ा
29-Dec-25
न्यूनतम वेतन या मौत मांगने सीईओ के पास पहुंचे सैकडों चौकीदार
छिंदवाड़ा
ग्राम पंचायतों में कार्यरत सैकडों चौकीदार, पंप आपरेटर, भृत्य, सफाईकर्मियों ने जिला पंचायत का घेराव कर सीईओ अग्रिम कुमार से न्यूनतम वेतन या मौत दो की मांग की। शासन के आदेश पर नियुक्त हुए इन कर्मचारियों को ग्राम पंचायतें मात्र 2-3 हजार रूपए वेतन देती हैं जबकि सरकार का आदेश निर्देश न्यूनतम वेतन देने का है, जो 12,500 रूपए है, इस तरह इन कर्मचारियों के वेतन से 8-9 हजार रूपए महीने की चोरी हो रही है, जिसे रूकवाने और पूरा वेतन दिलाने की मांग जिला पंचायत सीईओ के सामने रखी, जिस पर उन्होंने शासन स्तर तक मांग पहुंचाने और न्याय करने का भरोसा दिया, इसके घेराव खत्म कर 5 जनवरी को भोपाल में विकास भवन के घेराव का आव्हान किया गया।

जिला पंचायत के घेराव से पूर्व बापू की प्रतिमा पर संगठन के जिला अध्यक्ष राजू कुडापे, संतोष उईके, कृष्णा मांजरीवार की अध्यक्षता एवं कामगार क्रांति मंच के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा की उपस्थिति में धरना दिया गया, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद तिवारी ने धरना स्थल पर पहुंचकर मांगों का समर्थन किया। धरने में रामप्रसाद उईके, राजेश यादव, जयकुमार वर्मा, बंटी वर्मा, एन कुमार धुर्वे, संत कुमार मालवी, कमलेश उईके, भागीरथ उईके, कैलाश भारती, आदेश वर्मा, दयाराम साहू, रामकिशोर साहू, सुनील तिरगाम, विष्णु वर्मा, नंदकिशोर रघुवंशी, महादेव वर्मा, निलेश वर्मा, सिमरन धुर्वे, मोहनलाल कड़िया, दुर्गेश वर्मा, रोशन कड़िया, शंभू प्रकाश वर्मा सहित सैकडों कर्मचारी शामिल रहे।
कामगार क्रांति मंच के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह ग्रामीण गरीबों, श्रमिकों का रोजगार खत्म कर उन्हें अधिकारविहीन बना रही है, न्यूनतम वेतन नहीं देना, मनरेगा को खत्म करना, श्रम कानूनों को बदलना, चौथे, तृतीय दर्जे की नौकरियां ठेके पर देना सरकार के निर्णय गरीब मजदूर विरोधी हैं, ऐसा मुगलकाल में था, जब श्रमिकों के लिए कोई अधिकार नहीं थे, अब केंद्र राज्य सरकार श्रमिकों से सभी अधिकार छीनकर मुगलकाल में पहुंचा रही है। इसके खिलाफ संघर्ष करना हर गरीब मजदूर की जिम्मेदारी हो जाती है, 5 जनवरी को भोपाल में विकास भवन का घेराव कर न्यूनतम वेतन की मांग पुरजोर तरीके से उठाई जाएगी, जिसमें प्रदेश के सभी जिलों से हजारों ग्राम पंचायत चौकीदार, पंप आपरेटर, भृत्य, सफाईकर्मी शामिल होंगे।