दो करोड़ से अधिक का अनाज खरीद कर किसानों को नहीं दी रकम
छिंदवाड़ा
14-Jul-25
परेशान किसानों ने चौरई थाने में की शिकायत
छिंदवाड़ा
समसवाड़ा के साहू परिवार के बाद चौरई क्षेत्र में किसानों से ठगी का एक और मामला उजागर हुआ है। इस गल्ला व्यापारी ने कई किसानों से अनाज खरीदा और उन्हें आज तक एक रूपया भी नहीं दिया। किसानों ने मंडी प्रशासन से लेकर तहसील प्रशासन तक भुगतान दिलाने की मांग की लेकिन किसी भी अधिकारी ने इन किसानों की पीड़ा को सुना तो जरूर लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। थकहार कर किसानों को पुलिस की शरण में जाना पड़ा। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।
समसवाड़ा के साहू परिवार के बाद चौरई क्षेत्र में किसानों से ठगी का एक और मामला उजागर हुआ है। इस गल्ला व्यापारी ने कई किसानों से अनाज खरीदा और उन्हें आज तक एक रूपया भी नहीं दिया। किसानों ने मंडी प्रशासन से लेकर तहसील प्रशासन तक भुगतान दिलाने की मांग की लेकिन किसी भी अधिकारी ने इन किसानों की पीड़ा को सुना तो जरूर लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। थकहार कर किसानों को पुलिस की शरण में जाना पड़ा। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।

चौरई कृषि उपज मंडी में अनाज बेचने आए लगभग 80 किसानों के साथ धोखाधड़ी का एक और मामला उजागर हुआ है। सोमवार 14 जुलाई को ठगी का शिकार हुए किसान अनिरूद्ध बघेल और इंद्रकुमार सनोड़िया के साथ लगभग 6-7 किसानों ने चौरई थाने में शिकायत दर्ज कराई कि चौरई निवासी ज्ञाताश्री ट्रेडर्स के मालिक प्रिंस जैन ने उनसे गेंहू खरीदा और आज तक एक रूपए भी नहीं दिया। रूपए मांगने पर वो लगातार टालता रहा। अब जबकि खरीफ की फसल बोने का मौका आ गया है तब भी पैसा नहीं मिला है। जिसके चलते इन किसानों को दूसरों से उधार लेकर फसल की बुवाई करनी पड़ रही है। किसानों ने पुलिस को एक सूची भी उपलब्ध कराई है जिनका भी भुगतान व्यापारी ने नहीं किया है। इसके अलावा संबंधित विक्रय बिल और दस्तावेज भी उपलब्ध कराए हैं। इस सूची के मुताबिक लगभग 80 किसानों का भुगतान बाकी है जिसकी बाजार के अनुसार कीमत लगभग 2 करोड़ से अधिक है।
चौरई एसडीएम और संयुक्त कलेक्टर से नहीं मिली मदद
किसानों ने बताया कि वे चौरई एसडीएम और संयुक्त कलेक्टर अंकिता त्रिपाठी को तीन बार आवेदन देकर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं लेकिन अधिकारियों ने उनकी पीड़ा की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया। इसके अलावा किसानों ने मंडी समिति से भी मदद मांगी लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। किसानों ने जिला प्रशासन और न्यायालय से मांग की है कि ज्ञाताश्री ट्रेडर्स और प्रिंसजैन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें उनकी फसल की राशि दिलााई जाए।