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हर्रई और सुरलाखापा में 7-7 करोड़ से कन्या छात्रावास

हर्रई और सुरलाखापा में 7-7 करोड़ से कन्या छात्रावास
राजनीति
27-Jun-26
सांसद बंटी विवेक साहू ने रखी आधारशिला

हर्रई विधायक कमलेश शाह भी रहें उपस्थित

छिंदवाड़ा

जिले के हर्रई और सुरलाखापा क्षेत्र की आदिवासी बेटियों को शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली है। सांसद बंटी विवेक साहू और हर्रई विधायक राजा कमलेश प्रताप शाह ने दोनों स्थानों पर लगभग 7-7 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 100-100 बिस्तरीय आधुनिक कन्या छात्रावासों का भूमिपूजन कर आधारशिला रखी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्राएं, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास का सबसे सशक्त माध्यम है और जब बेटियां शिक्षित होती हैं तो पूरा समाज प्रगति करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। हर्रई और सुरलाखापा में बनने वाले छात्रावास आदिवासी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराएंगे।

सांसद ने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की कई प्रतिभाशाली छात्राएं आवासीय सुविधाओं के अभाव में अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं। नए छात्रावासों के निर्माण से यह समस्या काफी हद तक समाप्त होगी और बेटियों को आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

इस दौरान सांसद बंटी विवेक साहू ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पहले आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और मूलभूत सुविधाओं के विकास पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व के जनप्रतिनिधियों ने आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक के रूप में देखा। सांसद ने कहा कि आज जब आदिवासी क्षेत्रों में करोड़ों रुपये के विकास कार्य स्वीकृत हो रहे हैं और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है, तो विपक्षी नेताओं को इससे परेशानी हो रही है।

विधायक राजा कमलेश प्रताप शाह ने अपने संबोधन में कहा कि हर्रई विधानसभा क्षेत्र में लगातार विकास कार्यों को गति दी जा रही है और यह कन्या छात्रावास परियोजना शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने बताया कि छात्रावास बनने से आसपास के 20 से 25 गांवों की बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे अभिभावकों की चिंताएं भी कम होंगी और छात्राओं को सुरक्षित वातावरण मिलेगा।

भूमिपूजन समारोह वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। क्षेत्रवासियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे हजारों बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक भवन निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि आदिवासी बेटियों के सपनों को साकार करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। पूरे आयोजन में उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने इसे हर्रई एवं सुरलाखापा क्षेत्र के विकास इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।
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