गैस की कालाबाजारी रोकने नाकाम खाद्य प्रसंस्करण विभाग: महिला कांग्रेस
राजनीति
03-Jun-26
वृद्व उपभोक्ताओं को के वाय सी के लिए लगाने पड़ भीषण गर्मी में एजेंसियों के चक्कर
छिन्दवाड़ा
रसोई एवं व्यावसायिक गैस सिलेंडर की डिलेवरी में हो रही लापरवाही व देरी को लेकर कांग्रेस अब अक्रामक हो गई है। कांग्रेस का कहना है कि इस समय उपभोक्ताओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। घर पहुंच सेवा का दावा करने वाली गैस एजेंसियां परिवहन चार्ज लेने बाद भी होम डिलीवरी करने में नाकाम साबित हो रही। भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को आज भी गैस एजेंसियों के गोदाम में टंकी लेकर खड़े देखा जा सकता है।
शोभा की सुपारी बना खाद्य विभाग: महिला कांग्रेस
गैस वितरण व्यवस्था को सुचारू व व्यवस्थित बनाने का दायित्व निभाने वाला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग मूकदर्शक बना हुआ है विभाग द्वारा जारी कंट्रोल रूम नंबर भी शोभा की सुपारी साबित हो रहा है। यह बाज बुधवार को जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सरला सिसोदिया श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के चक्कर रसोई गैस के लिए लगाने पड़ रहे। जहां सुलभ रसोई गैस प्रदान करने की अपेक्षा एजेंसी के कर्मचारियों के दुर्व्यवहार का शिकार होना पड़ रहा है खाद्य प्रसंस्करण विभाग में रसोई गैस न मिलने की शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं होती। बल्कि इन गैस एजेंसियों को विभाग का भरपूर संरक्षण प्राप्त है गैस वितरण कंपनियों के द्वारा शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय लीपापोती की जाती है गैस आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाने का दायित्व जिस विभाग के पास है वहां भी सुनवाई नहीं होने उपभोक्ताओं में भारी रोष व्याप्त है।
प्रशासन गैस एजेंसियों पर क्यों नहीं कर रहा कार्रवाई
उन्होंने आगे बताया कि के वाय सी कराने के नाम से वृद्ध उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी में गैस एजेंसियों के चक्कर लगवाये जा रहे हैं जिला प्रशासन व खाद्य प्रसंस्करण विभाग गैस एजेंसियों की मनमानी पर लगाम लगाकर गैस एजेंसियों के कर्मचारियों को घरों घर भेजकर के वाय सी व कनेक्शन टांसफार की प्रक्रिया पूरी कराय इसी के साथ कांग्रेस जनसमस्या निवारण प्रकोष्ठ जिला कलेक्टर से मांग करता है रसोई गैस की आपूर्ति को बाधित करने वाली गैस एजेंसियों पर ठोस कारवाई की जाए एवं रसोई गैस की घर पहुँच सेवा की वास्तविक निगरानी करवाई जाए ताकि उपभोक्ताओं को असुविधा से बचाया जा सके।