निर्माणाधीन जिला जेल में पेयजल संकट
छिंदवाड़ा
24-Jun-26
कलेक्टर ने जल निगम को दी जिम्मेदारी
छिन्दवाडा
जिले में निर्माणाधीन नवीन जिला जेल में पेयजल उपलब्धता की समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने पहल तेज कर दी है। जिला जेल परिसर में जल स्रोत विकसित करने के लिए कई बार ट्यूबवेल खनन कराया गया, लेकिन अपेक्षित मात्रा में पानी उपलब्ध नहीं हो सका। इसके चलते भविष्य में जेल संचालन के दौरान पेयजल व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई थी।
इस गंभीर विषय को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने जल निगम के उपमहाप्रबंधक बसंत कुमार बेलवंशी को निर्देश दिए हैं कि जिला जेल परिसर में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए व्यवहारिक एवं दीर्घकालिक योजना तैयार कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर श्री नारायन ने इस कार्य को प्राथमिकता देते हुए जल निगम को पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की जिम्मेदारी सौंपी है।
कलेक्टर श्री नारायन के निर्देशों के परिपालन में जेल अधीक्षक प्रतीक जैन, जल निगम के महाप्रबंधक अविनाश दिवाकर तथा उपमहाप्रबंधक बसंत कुमार बेलवंशी ने तकनीकी टीम के साथ निर्माणाधीन जिला जेल का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न तकनीकी विकल्पों, संभावित जल स्रोतों तथा पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की व्यवहार्यता का परीक्षण किया गया।
अधिकारियों ने स्थल पर उपलब्ध परिस्थितियों का गहन अध्ययन करते हुए ऐसी योजना तैयार करने पर विचार किया, जिससे जिला जेल में भविष्य के लिए पर्याप्त एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। जल निगम के अधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि आवश्यक तकनीकी उपाय अपनाकर जिला जेल में शीघ्र पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि जल निगम की तकनीकी विशेषज्ञता और समन्वित प्रयासों से निर्माणाधीन जिला जेल की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा। इससे जेल संचालन के दौरान बंदियों और कर्मचारियों को किसी प्रकार की जल समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।