5 वर्ष तक के बच्चों को बीमारी से बचाने दस्तक अभियान शुरू
छिंदवाड़ा
22-Jul-25
16 सितंबर तक चलेगा अभियान
छिंदवाड़ा
5 वर्ष तक की आयु में होने वाली विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए दस्तक अभियान आज से शुरू हुआ। शहरी स्वास्थ्य केन्द्र रामबाग में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.एल.एन.साहू एवं संस्था प्रभारी डॉ.सुमित मोहबे के द्वारा बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाकर अभियान प्रारंभ किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.नरेश गोन्नाडे के मार्गदर्शन में जिले के सभी विकासखण्डों में 22 जुलाई से 16 सितंबर तक यह अभियान चलाया जाएगा। दस्तक अभियान के सफल संचालन के लिये मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया है कि अभियान में शतप्रतिशत बच्चों को उपरोक्तानुसार सभी स्वास्थ्य सेवायें प्रदान करें, साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि दस्तक अभियान के दौरान मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आवश्यक सहयोग प्रदान कर, अपने बच्चों को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखें।

प्रत्येक बच्चे का होगा टीकाकरण, अभियान पर रहेगी नजर
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.एल.एन.साहू ने बताया कि जिले के विकासखण्डों के सभी ग्रामों में माईक्रोप्लान के अनुरूप दस्तक अभियान की गतिविधियों को संचालित किया जायेगा। अभियान का उद्देश्य 05 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में प्रमुख बाल्यकालीन बीमारियों की सामुदायिक स्तर पर सक्रिय पहचान तथा त्वरित उचित प्रबंधन करना हैं, ताकि बाल मृत्यु दर में कमी लाई जा सके। दस्तक अभियान के तहत ए.एन.एम., आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के द्वारा 05 वर्ष से छोटे बच्चो में पाई जाने वाली बीमारियों की सक्रिय पहचान व उचित प्रबंधन, बाल्यकालीन निमोनिया की त्वरित पहचान, गंभीर कुपोषित बच्चों की सक्रिय पहचान, रेफरल एवं प्रबंधन, गंभीर एनीमिया की सक्रिय स्क्रीनिंग एवं प्रबंधन, दस्त रोग के नियंत्रण के लिये ओ.आर.एस. एवं जिंक के उपयोग, विटामिन ए अनुपूरण, जन्मजात विकृतियों एवं वृद्धि विलंब की पहचान, आहारपूर्ति संबंधी समझाईश, एस.एन.सी.यू. एवं एन.आर.सी. से छुट्टी प्राप्त बच्चों में बीमारी की स्क्रीनिंग तथा फॉलोअप, आंशिक रूप से टीकाकृत एवं छुटे हुये बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया जायेगा।
दस्तक अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान संस्था प्रभारी डॉ.सुमित मोहबे, जिला स्वास्थ्य मीडिया अधिकारी डॉ.प्रमोद वासनिक, जिला कम्युनिटी मोबिलाईजर श्री मनोज राय, ए.पी.एम. श्रीमती आरती यादव तथा शहरी स्वास्थ्य संस्था के अधिकारी व कर्मचारी एवं अन्य स्टॉफ तथा बच्चों के अभिभावक उपस्थित थे।