विरोध की आवाज़ को अपराध बनाना राजनीतिक दुर्भावना: कांग्रेस
राजनीति
03-Sep-26
एनएसयूआई पूर्व सूचना पर पहुंची थी कॉलेज, एबीवीपी का बल प्रयोग सोची समझी साजिश

छिन्दवाड़ा
लोकतंत्र में जनतंत्र को अपनी आवाज उठाने का पूरा अधिकार है। पूर्व सूचना पर किए गए विरोध प्रदर्शन में भाजपा से पोषित एबीवीपी के द्वारा बल प्रयोग करना और फिर राजनीतिक दुर्भावना से एनएसयूआई के पदाधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करना नीति संगत नहीं है। एनएसयूआई के विरोध और एबीवीपी के द्वारा किए बलप्रयोग के सार्वजनिक हुए फोटो व वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एबीवीपी ने सोची समझी साजिश के साथ पुलिस सुरक्षा में रहते हुए पुलिस और एनएसयूआई के पदाधिकारियों पर बल का प्रयोग किया। लेकिन पुलिस ने दोनों पक्षों पर कार्रवाई करने की बजाए सत्ता के दबाव में आकर कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के सात लोगों पर अपराध कायम किया जो न्यायोचित नहीं है। उक्त उदगार कांग्रेस के जिला प्रवक्ता चन्द्रजीत सिंह ठाकुर ने जारी बयान में व्यक्त किए।
लोकतंत्र में विद्यार्थियों, नागरिकों और राजनीतिक संगठनों को अपनी समस्याओं एवं मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार और प्रशासन के समक्ष रखने का अधिकार है। किंतु विरोध की आवाज़ सुनने के बजाय उस पर आपराधिक प्रकरणों और कठोर धाराओं के माध्यम से आवाज दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या है। विगत दिनों जिले के एक्सीलेंस पीजी कॉलेज में छात्रों की मूलभूत समस्याओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने विरोध दर्ज कराया। इस घटनाक्रम में कांग्रेस से जुड़े 7 छात्र एवं युवा कार्यकर्ताओं पर गैर-जमानती धाराओं में प्रकरण दर्ज किए जाने से पुलिस की कार्यप्रणाली व कार्रवाई की निष्पक्षता पूरी तरह खत्म हो गई। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्रों पर कोई कार्रवाई नहीं होना इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता को दर्शा रही है।
कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि नियम व कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। राजनीतिक विचारधारा के आधार पर कार्रवाई में भेदभाव समान अधिकार पर प्रहार है। यदि किसी ने कानून का उल्लंघन किया है तो निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई हो, लेकिन शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध को अपराध का स्वरूप देकर दबाना स्वीकार्य नहीं है। एनएसयूआई ने कांग्रेस के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है, जिस पर उन्होंने दो दिनों में न्यायोचित जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। कांग्रेस को पूर्ण अपेक्षा है कि पुलिस दलगत राजनीति ने ऊपर उठकर न्यायसंगत कार्रवाई करेगी।