कथा के माध्यम से भगवान की भक्ति और कथा श्रवण का महत्व बताया
छिंदवाड़ा
03-Sep-26
अनगढ़ हनुमान मंदिर में भागवत कथा का दूसरा दिन

छिंदवाड़ा
स्थानीय अनगढ़ हनुमान मंदिर, मुख्य डाकघर के सामने श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर आयोजित संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन भगवताचार्य महामंडलेश्वर नागेंद्र ब्रह्मचारी जी ने श्रद्धालुओं को भागवत कथा के महात्म्य एवं सृष्टि की उत्पत्ति से जुड़े प्रसंगों का श्रवण कराया। कथा के दौरान सुखदेव जी के जन्म का प्रसंग सुनाया गया। सुखदेव जी द्वारा राजा परीक्षित को भागवत कथा सुनाए जाने का वर्णन करते हुए नागेंद्र ब्रह्मचारी जी ने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से अकाल मृत्यु नहीं होती। उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान की भक्ति और कथा श्रवण के महत्व से अवगत कराया।
उन्होंने सृष्टि की उत्पत्ति का वर्णन करते हुए बताया कि आदि शक्ति जगदंबा ने ब्रह्मा जी को सृष्टि की उत्पत्ति, भगवान विष्णु को सृष्टि के संचालन तथा भगवान शिव को तपस्या का दायित्व सौंपा। कथा में मधु-कैटभ, मनु-सतरूपा एवं सप्त ऋषियों के आगमन सहित विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का भी विस्तार से वर्णन किया गया। ब्रह्मचारी जी ने कहा कि जिस घर में भगवान की भक्ति, पूजा-अर्चना और धार्मिक वातावरण रहता है, वहां सुख-समृद्धि बनी रहती है। कथा के दौरान उन्होंने अनेक प्रेरणादायक लघु कथाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया।
भागवत कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के समापन पर आरती की गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। आयोजकों ने सभी भक्तों से अधिक से अधिक संख्या में श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होकर धर्मलाभ एवं पुण्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया।