समिति ने लगाए सांसद बंटी साहू और उनके पिता पर जबरन कब्जा के आरोप
छिंदवाड़ा
29-Sep-25
न्यायालय की शरण में जाएगी श्री पंचमुखी हनुमान उत्थान सेवा समिति !
छिंदवाड़ा
तहसील कार्यालय के सामने स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर समिति का मामला उलझता ही जा रहा है। नई समिति ने रविवार को प्रेस वार्ता बुलाकर पत्रकारों के समक्ष अपना पक्ष रखा तो पुरानी समिति ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए सांसद बंटी विवेक साहू, उनके पिता नरेन्द्र साहू पर राजनीतिक प्रभाव का गलत उपयोग करते हुए पंचमुखी हनुमान मंदिर में जबरन कब्जा करने के आरोप लगाए हैं।
पंचमुखी हनुमान उत्थान सेवा समिति तहसील परिसर छिंदवाड़ा के सचिव राम कुमार सोनी ने कहा कि मध्य प्रदेश सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1973 के कानून के अनुसार वर्ष 2010 में उक्त मंदिर निर्माण के लिए समिति का विधिवत गठन किया गया था एवं नियमानुसार प्रति 3 वर्ष में इसके संचालक मंडल व पदाधिकारियों के विधिवत चुनाव कराए जाते रहे हैं। वर्तमान में 24 मई 2025 को विधिवत इस समिति के संचालक मंडल का निर्वाचन संपन्न हुआ है एवं आगामी 3 वर्षों 24 मई 2028 तक के लिए शहर के प्रतिष्ठित नागरिक समाजसेवी रमेश पोफली इस समिति के अध्यक्ष हैं। राम कुमार सोनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि छिंदवाड़ा के सांसद विवेक बंटी साहू के पिता अपने पुत्र के रसूख का उपयोग करके राजनैतिक दबाव बनाकर पंचमुखी हनुमान मंदिर में जबरन कब्जा करना चाहते हैं जबकि न तो नरेन्द्र साहू और न ही अमित राय और उनके साथी वर्तमान में कार्यरत इस समिति के सदस्य हैं । सांसद पिता नरेन्द्र साहू द्वारा मनमर्जी से अपने प्रतिष्ठान पूजा लॉन में अपने लोगों के साथ बैठकर समिति बनाना बताकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है एवं धोखाधड़ी की जा रही है वास्तविकता यह है कि पूजा लॉन की बैठक हनुमान जयंती के आयोजन को लेकर आयोजित की गई थी ना की अध्यक्ष चुनने हेतु। समिति के अध्यक्ष चुनने के लिए नियम कायदे अलग है।
उन्होंने आगे बताया कि समिति के गठन के बाद से वर्तमान तक की आय व्यय का संपूर्ण ऑडिट पूर्ण एवं सुरक्षित है समिति के सभी बैंक खातों के विवरण भी पूर्ण है और समिति के किसी भी सदस्य को यह कानूनी अधिकार है कि वह कभी भी पूरा हिसाब किताब देख सकता है परंतु अनाधिकृत तरीके से फर्जी संस्था बनाकर बिना किसी पंजीयन के जबरन कब्जा किया जाना अवैधानिक है वर्तमान कार्यरत समिति इसका विरोध करती है। कल प्रेस वार्ता के माध्यम से जिस एग्रीमेंट का उल्लेख अमित राय द्वारा किया जा रहा है वह हमारी समिति श्री पंचमुखी हनुमान उत्थान सेवा समिति का मूल दस्तावेज है जिसे अमित राय और उनके साथियों द्वारा चोरी किया गया है। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई है। और उसमें बताई गई राशि 16 लाख रुपए में सिर्फ फाउंडेशन के लेबर वर्क का काम होना था मौके पर जाकर कोई भी खुली आंखों से देख सकता है कि एक करोड़ से ज्यादा राशि का मंदिर मौके पर बनकर तैयार है। किसी भी स्वतंत्र सिविल इंजीनियर से इसकी लागत की जांच कराई जा सकती है।
इसी प्रकार पत्रकार वार्ता में जिस व्यक्ति नवल किशोर चौधरी को एक लाख देना बताया गया है उन्होंने अपनी स्वेच्छा से समिति को पत्थर लाने हेतु उधार दिया था जिसके साक्ष्य हमारे पास मौजूद है। श्री सोनी ने आगे कहा कि आने वाले दिनों में श्री पंचमुखी हनुमान उत्थान सेवा समिति इसके विरोध में माननीय न्यायालय की शरण में भी जाएगी । उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गैर कानूनी तरीके से मंदिर की दान पेटी एवं अलमारी तोड़े जाने एवं हमारी समिति के मूल दस्तावेजों की चोरी करने एवं रातों रात कब्जा करने पर पुलिस प्रकरण दर्ज किया जाना चाहिए। अंत में श्री राम कुमार सोनी ने कहा कि शीघ्र ही इन सभी बातों को लेकर समिति के आय व्यय के ब्यौरे सहित सभी जानकारी पत्रकारों के समक्ष पत्रकार वार्ता का आयोजन कर सार्वजनिक की जाएगी ।