पानी की समस्या को लेकर कलेक्टर ने ली अधिकारियों की क्लास
छिंदवाड़ा
18-May-26
पेयजल समस्याओं का त्वरित निराकरण कराने के निर्देश दिए
छिन्दवाडा
कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने कहा कि सभी एसडीएम, सीईओ जनपद पंचायत, सीएमओ और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के अधिकारी अपने क्षेत्र में पेयजल समस्या की पूरी जानकारी रखें और उनके निराकरण की पूर्व से व्यवस्था बनाएं। नई समस्या संज्ञान में आने पर उनका भी त्वरित निराकरण सुनिश्चित कराया जाए। उन्हें बीते दिनों कुछ क्षेत्रों में पेयजल समस्या से उत्पन्न हुई स्थितियों के लिए कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि दोबारा फील्ड का पूरा आंकलन कर लें और कार्ययोजन बना लें। जहां बोर कराने की आवश्यकता है कराएं। निजी नलकूप, कुएं आदि पूर्व से ही अधिग्रहित कर लिए जाएं और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल उनके माध्यम से आमजन को पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाए। अति आवश्यक होने तथा कोई और विकल्प न होने की स्थिति में ही सबसे अंत में पेयजल परिवहन का विकल्प चुना जाए।
कलेक्टर श्री नारायन सोमवार को कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री अग्रिम कुमार, अपर कलेक्टर धीरेन्द्र सिंह, एसडीएम छिंदवाड़ा सुधीर जैन, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती ज्योति ठाकुर व श्रीमती अंकिता त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर पुष्पेंद्र निगम, राहुल पटेल, सुश्री राजनंदिनी सिंह व आर.के.मेहरा सहित जिला प्रशासन व सभी विभागों के जिला स्तरीय और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। जिला मुख्यालय के अतिरिक्त अन्य एसडीएम और विभिन्न विभागों के ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल थे।
बैठक में समय सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा के साथ ही सीएम हेल्पलाइन, न्यायालयीन प्रकरणों, वरिष्ठ कार्यालयों एवं विभिन्न आयोगों के लंबित पत्रों की भी विभागवार विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री नारायन ने सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में सभी अधिकारियों को 80: से ऊपर रहने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री नारायन ने विभिन्न अंतर्विभागीय विषयों पर भी चर्चा की। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के क्रियान्वयन में गति लाने, पीएम श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत पंजीयन संख्या बढ़ाने, सभी खरीदी केंद्रों में बारदाने की उपलब्धता व परिवहन सुचारू रखने, लोक सेवा गारंटी के प्रकरण समय सीमा बाह्य होने पर संबंधित सचिवों का एक दिन का वेतन काटने, सभी मेडिकल ऑफिसर्स को शासकीय सेवकों के अवकाश के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट बनाते समय पूरी सावधानी बरतने, सिविल सर्जन और डीन को जिला अस्पताल के सभी वार्डों का निरीक्षण कर चिकित्सकों की विजिट सुनिश्चित कराने सहित अन्य निर्देश संबंधित आधिकारियों को दिए।