भाजपा किसानों को भूखा नहीं समृद्ध बनाएंगी और युवाओं को बेरोजगार नहीं, रोजगारदाता बनाएंगी: अजय सक्सेना
छिंदवाड़ा
12-Feb-26
छिंदवाड़ा
भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजय सक्सेना ने छिंदवाड़ा कांग्रेस जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे द्वारा भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर लगाए गए आरोपों पर कड़ा विरोध दर्ज करते हुए, उसे पूरी तरह झूठे, भ्रामक और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इन आरोपों का कड़ा विरोध करती है। ओकटे जी ने झूठ बोलने का नया रिकॉर्ड बना लिया है।
श्री सक्सेना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हासिल यह समझौता "फादर ऑफ ऑल डील्स" है, जो भारत के किसानों, एम एस एम ई और युवाओं के हितों को मजबूत करता है।
समझौते में किसानों की सुरक्षा
भाजपा जिला अजय सक्सेना ने बताया कि संवेदनशील कृषि एवं डेयरी क्षेत्र 100% संरक्षित हैं। मक्का, गेहूं, चावल, सोयाबीन, दालें, बाजरा, ज्वार, मोती बाजरा, चीनी, दूध, पनीर, घी, मुर्गीपालन, मांस, तंबाकू, इथेनॉल, कुछ फल-सब्जियां (केला, स्ट्रॉबेरी, चेरी, साइट्रस फ्रूट्स आदि), पल्सेज (काबुली चना, मूंग, ग्रीन पीज) और अन्य प्रमुख उत्पादों पर कोई टैरिफ छूट या समझौता नहीं किया गया है।
श्री सक्सेना ने बताया कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट रूप से कहा है कि "यह एक फार्मर्स-फर्स्ट डील है। संवेदनशील कृषि एवं डेयरी उत्पाद पूरी तरह संरक्षित हैं। कोई जियोलाजिकल मोडिफाईड उत्पाद आयात नहीं होगा, और किसानों की आजीविका पर कोई आंच नहीं आएगी।" मक्का और कपास पर कोई खतरा नहीं है। इन पर कोई ड्यूटी कटौती नहीं की गई। कपास के मामले में केवल एक्स्ट्रा-लॉन्ग स्टेपल कपास का सीमित कोटा आयात की अनुमति है, जो घरेलू उत्पादन को प्रभावित नहीं करेगा।
किसानों की असली जीत – निर्यात में उछाल
श्री सक्सेना ने बताया कि अमेरिकी बाजार में भारतीय कृषि निर्यात पर जीरो या बहुत कम टैरिफ लगेगा। मसाले, चाय, कॉफी, नारियल तेल, आम, केला, अनानास, केसर, काजू, मशरूम, बेकरी उत्पाद आदि पर बेहतर पहुंच से किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। भारत का कृषि निर्यात अमेरिका के साथ पहले से ही सरप्लस में है (लगभग 1.36 बिलियन डॉलर), और यह समझौता इसे और मजबूत करेगा।
टैरिफ संतुलन: अमेरिका ने भारत पर रेसिप्रोकल टैरिफ 50% से घटाकर 18% किया है (कुछ क्षेत्रों में जीरो), जो चीन (35%) और अन्य प्रतिस्पर्धियों से कम है। यह पारस्परिक और संतुलित है। ओकटे जी का 15%, 50%, 25% पेनाल्टी का जिक्र पुरानी या गलत जानकारी पर आधारित है, वर्तमान समझौते में किसानों को कोई नुकसान नहीं है। पता नहीं ओकटे जी ने 15-50-25% वाला कैलकुलेटर कहाँ से लिया है।
श्री सक्सेना ने कहा कि ओकटे जी, अब तो किसान भी आपके आरोप सुनकर हँस रहे हैं। कांग्रेस का आरोप कि यह समझौता किसानों को "भूखा" और युवाओं को "बेरोजगार" बनाएगा, पूरी तरह निराधार है। कांग्रेस ने अपने शासनकाल में किसानों के हितों की अनदेखी की, लेकिन मोदी सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, एम एस पी में रिकॉर्ड वृद्धि, और स्टार्टअप इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया जैसे कार्यक्रमों से किसानों एवं युवाओं को सशक्त बनाया है। कांग्रेस का आरोप है कि किसान भूखा है लेकिन सच्चाई यह है कि कांग्रेस का दिमाग भूखा है।
श्री सक्सेना ने बताया कि यह समझौता 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार तक पहुंच प्रदान करता है, एम एस एम ई को बढ़ावा देता है और लाखों नए रोजगार सृजित करेगा। कांग्रेस हमेशा भारत की आर्थिक प्रगति का विरोध करती आई है। पहले यूरोपीय यूनियन डील पर विरोध किया अब अमेरिका डील पर झूठा प्रचार कर रहे हैं।
श्री सक्सेना ने कहा कि भाजपा का संकल्प स्पष्ट है,
जय किसान, जय भारत। भाजपा किसानों को भूखा नहीं समृद्ध बनाएंगी और युवाओं को बेरोजगार नहीं, रोजगारदाता बनाएंगी। मोदी सरकार की अटल प्रतिबद्धता भारत और किसान पहले की है।