भ्रष्टाचार पर एक और चोट: बिल्डिंग परमिशन मिलेगी ऑनलाइन
छिंदवाड़ा
22-Jul-25
वॉट्सअप पर होगा करों का भुगतान
छिंदवाड़ा (डिजीटल डेस्क)
शहर में घर बनाना हो, व्यवसायिक कॉम्पलेक्स या फिर कॉलोनी। नगर पालिका या नगर निगम की अनुमति लेना आवश्यक होता है और अनुमति के लिए कार्यालय के ढेर सारे चक्कर लगाने पड़ते हैं, साथ ही अधिकारी या बाबूओं को भेंट भी देनी पड़ती है। आम नागरिक से लेकर धनीवर्ग तक के लिए आसान नहीं होता है परमिशन लेना। कई बार तो लोग परेशान होकर प्लान ही रद्द कर देते हैं। नगर पालिका या नगर निगम की लचर व्यवस्था के कारण शहरों का विकास अवरूद्ध होता हैं। लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार शीघ्र ही ऐसा सिस्टम ला रही है जिससे नगर पालिका और नगर निगम में इस तरह के होने वाले भ्रष्टाचार पर न केवल रोक लगेगी बल्कि आम नागरिकों को काफी सुविधा भी मिलेगी।
शहर में घर बनाना हो, व्यवसायिक कॉम्पलेक्स या फिर कॉलोनी। नगर पालिका या नगर निगम की अनुमति लेना आवश्यक होता है और अनुमति के लिए कार्यालय के ढेर सारे चक्कर लगाने पड़ते हैं, साथ ही अधिकारी या बाबूओं को भेंट भी देनी पड़ती है। आम नागरिक से लेकर धनीवर्ग तक के लिए आसान नहीं होता है परमिशन लेना। कई बार तो लोग परेशान होकर प्लान ही रद्द कर देते हैं। नगर पालिका या नगर निगम की लचर व्यवस्था के कारण शहरों का विकास अवरूद्ध होता हैं। लेकिन प्रदेश की भाजपा सरकार शीघ्र ही ऐसा सिस्टम ला रही है जिससे नगर पालिका और नगर निगम में इस तरह के होने वाले भ्रष्टाचार पर न केवल रोक लगेगी बल्कि आम नागरिकों को काफी सुविधा भी मिलेगी।

मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नगर निकायों में होने वाली इस परेशानी को समझते हुए इसे और आधुनिक बनाने की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है। सबकुछ ठीकठाक रहा तो 2026 में किसी भी नागरिक को घर, व्यवसायिक कॉम्पलेक्स या फिर कॉलोनी बनाने की परमिशन के लिए नगरीय निकायों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सभी अनुमतियां ऑनलाईन उपलब्ध हो जाएगी। नगरीय निकायों की सभी सेवाओं को ऑनलाइन नवीन तकनीक से अपग्रेड किया जायेगा। समस्त नगरीय निकायों में नागरिक सेवाओं को ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से प्रदाय किया जाएगा।
सरकार की क्या है प्लानिंग
ऑटोमेटेड बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम 3.0 पोर्टल (एबीपीएएस) के माध्यम से ऑनलाइन भवन अनुज्ञा की सुविधा समस्त नगरीय निकायों में प्रदाय की जायेगी। इसके साथ ही कॉलोनी विकास अनुज्ञा को भी ऑनलाइन किये जाने को इस वर्ष की कार्ययोजना में शामिल किया गया है। नगरीय निकायों में ई-गवर्नेंस एवं आईटी के विस्तार में व्हाट्सएप चेटबोट के माध्यम से नगरीय निकायों के सभी प्रकार के कर एवं गैर करों के बिल भुगतान की सुविधा एवं सेवाओं की जानकारी देने का प्रयास किया जायेगा।