परासिया बस स्टैंड पर 15 साल की नाबालिग ने दिया बालिका को जन्म
छिंदवाड़ा
23-Jul-25
दुराचार पीड़िता है किशोरी, समय से पहले हुआ प्रसव
छिंदवाड़ा
छिंदवाड़ा
जिले के परासिया में मंगलवार दोपहर एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब महज 15 साल की एक नाबालिग किशोरी ने परासिया बस स्टैंड परिसर में ही एक बालिका को जन्म दे दिया। यह घटना लगभग साढ़े तीन बजे की है, जब किशोरी अपनी आशा कार्यकर्ता के साथ परासिया अस्पताल से जाँच कराकर लौट रही थी। घर वापसी के दौरान अचानक उसे प्रसव पीड़ा हुई और वह शौचालय की ओर गई, जहाँ उसने एक बच्ची को जन्म दे दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, किशोरी एक गंभीर आपराधिक मामले की पीड़िता है। वह दुराचार की शिकार रही है, और इसी संबंध में अमरवाड़ा थाने में एक मामला भी दर्ज किया गया है। आरोपी वर्तमान में जेल में बंद है। किशोरी पहले अपने परिवार के साथ सेठिया गाँव में रहती थी और बीते दो वर्षों से अमरवाड़ा में निवासरत थी। हाल ही में वह अपने माता-पिता के पास सेठिया लौटी थी।

मंगलवार को उसकी तबीयत खराब होने पर आशा कार्यकर्ता उसे परासिया अस्पताल ले गई थी, जहाँ सामान्य जांच के बाद डॉक्टरों ने सोनोग्राफी कराने की सलाह दी। जाँच के बाद जब आशा कार्यकर्ता किशोरी को घर ले जा रही थी, उसी दौरान बस स्टैंड परिसर में किशोरी को अचानक प्रसव पीड़ा हुई। वह पास स्थित शौचालय की ओर गई, जहाँ समय से पहले उसका प्रसव हो गया।
घटना के समय वहाँ मौजूद कुछ महिलाओं ने तत्परता दिखाते हुए नवजात बच्ची को संभाला और तुरंत आशा कार्यकर्ता को सूचना दी। कुछ ही देर में आशा कार्यकर्ता भी मौके पर पहुँच गई और एक ऑटो की मदद से जच्चा और बच्ची दोनों को परासिया अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर देखरेख के लिए जिला अस्पताल छिंदवाड़ा रेफर किया गया, जहाँ दोनों की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
यह घटना न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े करती है, बल्कि नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों और सामाजिक सुरक्षा के हालात की गंभीरता को भी उजागर करती है। किशोरी के परिजनों ने पहले ही अमरवाड़ा थाने में दुराचार की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसकी कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
स्थानीय प्रशासन और बाल कल्याण विभाग द्वारा इस मामले में आगे की कार्यवाही की जा रही है। उम्मीद की जा रही है कि पीड़िता और नवजात को उचित सुरक्षा और देखभाल प्रदान की जाएगी।