वैकल्पिक ऊर्जा पर अमित, राजू और नेहा ने जीते पुरस्कार
छिंदवाड़ा
23-Dec-25
रैली के माध्यम से ऊर्जा बचाने दिया संदेश छात्रो ने
छिंदवाड़ा
दैनिक जीवन में ऊर्जा के वैकल्पिक स्त्रोतों का उपयोग कर हम सभी पर्यावरण को सुरक्षित बना सकते हैं साथ ही पर्यावरण को रहे नुकसान को भी बचा सकते हैं। निबंध के माध्यम से ये बात रखी संवाद कार्यक्रम में सहभागी थे चंदनगांव हाई स्कूल के विद्यार्थी। स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के बाद सर्वश्रेष्ठ लेखन के लिए तीन छात्रों अमित कहार, राजू साहू ,नेहा कवरेती पुरुस्कृत किया गया। इसके बाद ऊर्जा के वैकल्पिक साधनों को अपनाओं पर जागरूकता रैली निकाली ।
स्वस्थ जीवनशैली के साथ आम जनों में पर्यावरणीय जागरूकता बढ़ा़ने हेतु मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड भोपाल के सहयोग से कुकड़ा ग्राम उत्थान समिति के द्वारा लाईफ स्टाईल फार इनवायरमेंट की विषय वस्तु पर निबंध लेखन एवं संवाद कार्यक्रम शासकीय हाई से स्कूल चंदनगांव छिंदवाड़ा में किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम मे उपस्थित समाजसेवी योगेश बोपटे ने छात्रो को सम्बोधित करते हुये कहा की मिशन लाईफ की कल्पना को साकार करने के लिए हर छात्रों को संवहनीय जीवन शैली जीने की दृष्टि से शुरुआत की गई, जो पृथ्वी के ग्रह के अनुरूप है और इसे नुकसान नही पहुंचाती है, जिसका ध्यान हमंे रखना होगा ।

कुकड़ा ग्राम उत्थान समिति के संयोजक श्यामल राव ने कहा की छात्रांे के द्वारा निबंध लेखन में ऊर्जा के वैकल्पिक स्त्रोत पर जो विचार लिखे गये है जिससे की छात्रो की जीवन शैली मे बदलाव आयेगा जो मिशन लाईफ के लिए कारगार सिद्व होगी। वही छात्र ऊर्जा की बचत के लिए अपने घरो पर लगे विद्युतत उपकरणों का उपयोग अनावश्यक ना करते हुये आवश्यकता अनुसार ही करे ताकि बिजली की बचत हो सके ।
प्राचार्य शैली यादव ने कहा की प्रकृति के साथ सामांजस्य स्थापित करने के लिये हमे ऊर्जा के वैकल्पिक स्त्रोतों मे जैसे सोलर पैनल लगाकर पर्यावरण प्रदूषण में कमी लाने की पहल करे और हमारे पारिस्थितिकीय तंत्र और जीवन शैली के खतरे से भावी पीढ़ी का जीवन सुरक्षित करने का संदेश दे ।
एम एस डब्ल्यू की छात्रा रत्न माला झरवड़े ने छात्रों को सम्बोधित करते हुये कही की पर्यावरण के संतुलन को बनाये रखने के लिए पृथ्वी पर पाई जाने वाली जैवविविधता का संरक्षण करना बहुत आवश्यक है। आयोजन को सफल बनाने मे शिक्षक विकास डबली, सुरेंद्र बंदेवार, कल्पना माहोरे, कविता साहू, पूर्वी जैन का विशेष सहयोग रहा।