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देश में स्किल डेवलपमेंट के नाम पर हुआ 9 हजार करोड़ से अधिक का घोटाला: कमलनाथ

देश में स्किल डेवलपमेंट के नाम पर हुआ 9 हजार करोड़ से अधिक का घोटाला: कमलनाथ
छिंदवाड़ा
29-Dec-25
कैग रिपोर्ट को आधार बनाकर वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

छिन्दवाड़ा

देश में स्किल डेवलपमेंट के नाम पर हुए करोड़ों रुपयों के घोटाले पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री  कमलनाथ ने एक बयान में कहा कि कैग रिपोर्ट के अनुसार भाजपा सरकार की स्किल इंडिया योजना/PMKVY में 9,200 करोड़ से अधिक का बड़ा घोटाला सामने आया है। युवाओं को कौशल और रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई महत्वाकांक्षी योजना में वर्ष 2015 से 2022 के बीच 1.32 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षित करने के नाम पर 10,194 करोड़ प्रस्तावित हुए, लेकिन 18 दिसंबर 2025 को संसद में प्रस्तुत कैग की परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट ने इस योजना में व्याप्त गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की परतें खोल दी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक़ PMKVY 2.0 और 3.0 में 94 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों के बैंक खाते फर्जी या अमान्य पाए गए। कई मामलों में एक ही बैंक खाता हजारों उम्मीदवारों से जोड़ा गया और एक ही फोटो के आधार पर सैकड़ों लाभार्थियों को अलग-अलग राज्यों में प्रशिक्षित दिखा दिया गया। यह न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग है, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य के साथ खुला धोखा भी है।
 
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि प्लेसमेंट के आंकड़े जानबूझकर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए। कई स्थानों पर बंद या नाममात्र के प्रशिक्षण केंद्रों को सक्रिय बताकर हजारों युवाओं की फर्जी ट्रेनिंग दर्ज कर दी गई। यहां तक कि एक ही व्यक्ति द्वारा एक ही दिन में कई राज्यों में निरीक्षण किए जाने की प्रविष्टियां दर्ज की गईं, जो भ्रष्टाचार की पोल खोलने के लिए पर्याप्त हैं। मध्यप्रदेश में भी भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान 4.7 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का दावा किया गया, जिसमें लगभग 23 करोड़ के गबन की गंभीर आशंका है। यह दर्शाता है कि केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं। “ना खाऊँगा, ना खाने दूंगा” का नारा देने वाली भाजपा सरकार के स्किल इंडिया मिशन में 9,261 करोड़ की लूट सामने आने के बावजूद केंद्र व राज्य सरकारें इस घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने के बजाय इसे दबाने में लगी हुई हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।

छिन्दवाड़ा में संचालित हो रहे वास्तविक स्किल सेंटर

छिंदवाड़ा में कांग्रेस सरकार के दौरान स्किल इंडिया सेंटर सीआइआइ, एटीडीसी, अशोक लीलैंड ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, आइएलएफएस, अम्बुजा फाउंडेशन व एफडीडीआइ जैसे अनेकों संस्थानों व उनके माध्यम से सैकड़ों  कोर्स की शुरुआत पूरी पारदर्शिता के साथ की गई। हमारा उद्देश्य वाहवाही लूटना नहीं था बल्कि युवाओं को रोजगार से जोड़ना था। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि प्रशिक्षण शुल्क का बोझ भी छात्रों पर नहीं डाला गया, इस ट्रेनिंग शुल्क की व्यवस्था भी हमने बनवाई। आज वही बच्चे देश और विदेश में रोजगार प्राप्त कर न केवल आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि देश का नाम भी रोशन कर रहे हैं।
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