नई कंपनी को मिला ठेका, पुराने सुरक्षाकर्मियों पर लटकी तलवार
छिंदवाड़ा
04-Apr-26
स्वास्थ्य विभाग में सुरक्षा गार्डों की भर्ती पर विवाद
छिंदवाड़ा
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्वास्थ्य विभाग को एक नई समस्या का सामना करना पड़ रहा है। विभाग पर बिना निविदा निकाले अन्य कंपनी को सुरक्षा ठेका देने के आरोप पुराने सुरक्षाकर्मियों द्वारा लगाया जा रहा है। इन सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि बिना किसी आधिकारिक विज्ञापन के, गुपचुप तरीके से एक निजी कंपनी को सुरक्षा गार्डों का ठेका देकर 50 से अधिक नए गार्डों की भर्ती कर ली गई है जबकि पहले से कार्यरत सुरक्षाकर्मियों को अचानक काम पर आने से रोक दिया गया।

पुराने सुरक्षा कर्मियों ने बताया कि यह ठेका एक कथित रूप से ब्लैकलिस्टेड कंपनी को दिया गया है। इस प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करते हुए पुराने कर्मचारियों को बिना नोटिस हटाया गया, जिससे उनमें भारी रोष व्याप्त है। निकाले गए सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया अवैध और श्रम कानूनों के खिलाफ है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी सेवाएं बहाल नहीं की गईं, तो वे 6 अप्रैल को सीएचएमओ कार्यालय का घेराव कर धरना प्रदर्शन करेंगे।
इस संबंध में आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा के नेतृत्व में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें आनंद राजपूत, जगदीश नामदेव, रमेश सिगोतिया, अरुण सिगोतिया, सुशील बारासिया, राधेश्याम बेलवंशी, गौरीशंकर मालवी, शिवकुमार सोनी एवं अनिल चंद्रवंशी सहित कई कर्मचारी उपस्थित रहे।
नियम विरूद्ध लिए जा रहे हैं निर्णय
कर्मचारियों का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए लेबर कोड के तहत किसी भी आउटसोर्स कर्मचारी को हटाने से पहले तीन महीने का नोटिस देना अनिवार्य है। साथ ही, सेवा समाप्ति पर ग्रेच्युटी, पीएफ एवं अन्य देयकों का भुगतान भी आवश्यक है। इसके बावजूद बिना किसी नोटिस के कर्मचारियों को हटाया गया और नई भर्ती कर ली गई, जो स्पष्ट रूप से कानून का उल्लंघन है।
आंदोलन की चेतावनी
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि वे 6 अप्रैल को सीएचएमओ कार्यालय के सामने धरना देंगे। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन अनशन में भी बदला जा सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि वे किसी भी स्थिति में अधिकारियों एवं ठेकेदार की मनमानी को स्वीकार नहीं करेंगे।