शासकीय आईटीआई में महिलाओं को प्रशिक्षण शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट
शिक्षा
10-Jul-26
बेटियों को आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
भोपाल/छिंदवाड़ा
कौशल विकास एवं रोजगार विभाग द्वारा प्रदेश की बेटियों को कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। मध्यप्रदेश शासन ने शैक्षणिक सत्र 2026 से प्रदेश के सभी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में प्रवेश लेने वाली महिला प्रशिक्षणार्थियों के प्रशिक्षण शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट देने का निर्णय लिया है। मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार बोर्ड द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह व्यवस्था प्रदेश के सभी शासकीय आईटीआई में लागू होगी।
नई व्यवस्था के अनुसार महिला प्रशिक्षणार्थियों को प्रथम वर्ष के प्रवेश शुल्क में सीधे 1,335 रुपए की बचत होगी। अब प्रथम वर्ष का कुल शुल्क 4,755 रुपए होगा, जबकि पहले यह 6,090 रुपए था। यह रियायत शैक्षणिक सत्र 2026 से प्रवेश लेने वाली सभी महिला प्रशिक्षार्थियों को प्रदेश के समस्त शासकीय आईटीआई में उपलब्ध होगी।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बेटियों को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से लगातार कार्य कर रही है। प्रशिक्षण शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट का यह निर्णय अधिक से अधिक बेटियों को आईटीआई में प्रवेश लेकर तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी किसी भी बेटी के कौशल विकास में बाधा नहीं बने, इसी सोच के साथ यह निर्णय लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार ने शासकीय आईटीआई में पहले से ही बालिकाओं के लिए 35 प्रतिशत सीटें आरक्षित कर रखी हैं। इस पहल के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। वर्ष 2025 में प्रदेश के शासकीय आईटीआई में 12,169 बालिकाओं ने प्रवेश लिया, जो वर्ष 2024 की तुलना में 3.29 प्रतिशत अधिक है। प्रशिक्षण शुल्क में दी गई यह अतिरिक्त रियायत बेटियों की तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा में भागीदारी बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।