अधिक से अधिक न्यायायिक प्रकरणों को सुलझाने का हो प्रयास
छिंदवाड़ा
30-Aug-25
नेशनल लोक अदालत के संबंध में न्यायाधीशगणों की बैठक
छिंदवाड़ा
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशांत हुद्दार तथा अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिंदवाड़ा ने आगामी 13 सितंबर को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के संबंध में समस्त न्यायाधीशगणों की बैठक ली। बैठक में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने समस्त न्यायाधीशगणों को नेशनल लोक अदालत में रखे जाने वाले प्रकरणों को शीघ्रता शीघ्र चिन्हित कर उन प्रकरणों में समय पूर्व पक्षकारों को सूचना पत्र प्रेषित करने एवं दिन प्रतिदिन प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा करने तथा पक्षकारों के बीच प्रीसिटिंग कर प्रकरणों को समझौता स्तर तक पहुंचाने का प्रयास करने के निर्देश दिए। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने न्यायाधीशगणों को ऐसे प्रकरण जिनमे में समझौते की अत्यधिक संभावना है जैसे की मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दवा, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट पारिवारिक विवाद एवं अन्य सिविल प्रकरणों में अधिक से अधिक प्रयास करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला न्यायालय में पदस्थ न्यायाधीश सुधीर मिश्रा विशेष न्यायाधीश छिंदवाड़ा, सुशील कुमार त्यागी प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय छिंदवाड़ा, जिला न्यायाधीशगण प्रेमपाल सिंह, संकर्षण प्रसाद पाण्डेय, अभिषेक नागराज, विपेंद्र सिंह यादव मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट छिंदवाड़ा, राकेश सिंह सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिंदवाड़ा सहित जिला मुख्यालय के समस्त न्यायाधीशगण भौतिक रूप से तथा तहसील न्यायालयों में पदस्थ न्यायाधीशगण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में उपस्थित हुए।
चंदनगांव स्थित बालगृह में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिंदवाड़ा सुशांत हुद्दार, की प्रमुख उपस्थिति में चंदनगांव स्थित जमस बालगृह छिंदवाड़ा में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बालगृह में निवासरत बच्चों से चर्चा कर उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी ली, साथ ही उन्हें बाल अधिकारों की जानकारी दी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के द्वारा चलाए गए ‘‘साथी अभियान’’ अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिंदवाड़ा द्वारा बालगृह एवं शिशुगृह में निवासरत बच्चों के आधारकार्ड बनवाए गए, जिनका वितरण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा किया गया।