छिंदवाड़ा बना मध्यप्रदेश का नया टूरिज्म हॉट स्पॉट
छिंदवाड़ा
23-Aug-25
ग्रामीण जीवनए जनजातीय संस्कृतिए पहाड़ी ट्रैकिंग सबकुछ है यहां
छिंदवाड़ा/भोपाल
सतपुड़ा की वादियों में बसे छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन.ग्राम अब पर्यटकों के लिये विशेष आकर्षण बन गये हैं। ग्रामीण जीवनए जनजातीय संस्कृतिए पहाड़ी ट्रैकिंग और लोक नृत्य सब कुछ एक ही जगह पर्यटकों को मिल रहा है। पिछले 2 वर्षों में यहां बनाये गये होम.स्टे को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की पहचान मिली है। मध्यप्रदेश में होम.स्टे के माध्यम से पर्यटकों को ग्रामीण संस्कृति तथा ग्रामीण जीवन के अनुभव कराने के उद्देश्य से ग्रामीण पर्यटन परियोजना का संचालन किया जा रहा है। इसके तहत प्रदेश के 100 गांवों को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है।

होम स्टे से रूका पलायन
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा विकसित किये गये छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्रामों के होम.स्टे देश.प्रदेश के पर्यटकों को खूब भा रहे हैं। हर सप्ताह यहां हजारों की संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं। जिले के 12 गांवों को पर्यटन ग्राम के रूप में चयनित किया गया है। इनमें से 7 गांव सावरवानीए देवगढ़ए काजराए गुमतराए चोपनाए चिमटीपुर और धूसावानी में 36 होम.स्टे पर्यटकों के लिये खोले जा चुके हैं। होम.स्टे खुलने से ग्रामीण रोजगार और उच्च शिक्षा का रूझान बढ़ा है। साथ ही जनजातीय परिवारों का पलायन भी रूक गया है। गांव के युवा गाइड के रूपए लोक नृत्य और भजन मंडली की प्रस्तुति और बैलगाड़ी संचालन से सैलानियों को ग्रामीण जन.जीवन से अवगत कराते हुए अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रहे हैं।
हर पर्यटन ग्राम की अपनी पहचान
छिंदवाड़ा जिले के हर पर्यटन ग्राम की अपनी विशेषता है। भोपाल मार्ग पर साल के जंगल के बीच बसे चोपना में देवना नदी का अद्भुत नजाराए पातालकोट के चिमटीपुर गांव की रहस्यमयी वादियांए पेंच नेशनल पार्क के करीब ऑफबीट डेस्टीनेशन गुमताराए देवगढ़ में गोंड शासन का ऐतिहासिक किलाए काजरा में बंधान डेम के बेकवॉटर्स का सौंदर्य और धूसावानी गांव के चौरागढ़ महादेव मंदिर का दृश्य और आम के बागान पर्यटकों को यहां बार.बार आने के लिये प्रेरित करते हैं। होम.स्टे में पर्यटक गाय का दूध दोहनेए खेत के कामों में हाथ बटाने और पहाड़ियों पर ट्रैकिंग करने जैसे अनुभव जीते हैं। ढोलक.मंजीरे के साथ भजन और कर्मा नृत्य मंडलियों की प्रस्तुति भी पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। अब छिंदवाड़ा सिर्फ पर्यटन नहीं बल्कि सतत ग्रामीण विकास का राष्ट्रीय मॉडल बन रहा है।