आदि कर्मयोगी से आएगा आदिवासी क्षेत्रों में बड़ा बदलाव
मध्यप्रदेश
22-Aug-25
सड़क संपर्क, पक्के मकान, पेयजल, घरेलू बिजली, आयुष्यमान भारत, डिजिटल सेवा मिलेगी
41 जिलों के 11294 जनजातीय बहुल गांवों को मिलेगा लाभ
छिंदवाड़ा/भोपाल
आदिवासी और जनजातीय बहुल गांव अब नया परिवर्तन अनुभव करने के लिए तैयार हो रहे हैं। सड़क संपर्क, पक्के मकान, पेयजल, घरेलू बिजली, आयुष्यमान भारत, डिजिटल सेवा जैसी सेवाओं से जनजातीय परिवार अब वंचित नहीं रहेंगे। प्रदेश में आदि सेवा केन्द्र बनाने की भी तैयारी है, जहां शिकायत निवारण रजिस्टर, नोडल अधिकारियों के संपर्क नम्बर और ग्राम के विकास का विजन तैयार करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया जायेगा।
आदि कर्मयोगी अभियान में शासकीय अधिकारी आदि कर्मयोगी के रूप में, युवा नेता, शिक्षक, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनजातीय कार्यों में रूचि रखने वाले प्रतिबद्ध लोग आदि सहयोगी के रूप में और स्व-सहायता समूह, जनजातीय नेता, स्वयंसेवक, सांस्कृतिक कार्यकर्ता, गांव के निवासी आदि साथी के रूप में जुड़ सकते हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत आदि कर्मयोगी अभियान में मध्यप्रदेश में विशेषज्ञ संस्था भारत ग्रामीण आजीविका फाउंडेशन - बी.आर.एल.एफ द्वारा आदि कर्मयोगियों को राज्य, जिला, विकासखंड और ग्राम स्तरीय प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर तैयार किये जा रहे हैं। आदि कर्मयोगी अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए राज्य, जिला, विकासखंड और ग्राम स्तर पर उत्तरदायी समूह बनाये गये हैं। राज्य स्तर पर मुख्य सचिव जिला स्तर पर संबंधित कलेक्टर और विकासखंड स्तर पर एसडीएम उत्तरदायी समूहों की अध्यक्षता करेंगे।

केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार का विजन
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 02 अक्टूबर 2024 को धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का शुभारंभ किया था। केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा इस अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री मोदी के मिशन अनुरूप आदि कर्मयोगी अभियान प्रारंभ किया गया है। आदि कर्मयोगी एक राष्ट्रीय मिशन है। इसमें जमीनी स्तर पर शासन-प्रशासन तंत्र तथा सेवाओं को जनजातीय परिवारों के हित में मजबूत बनाया जायेगा। इस अभियान से देश में 20 लाख जिला अधिकारियों एवं अन्य हितधारकों का एक कैडर विकसित हो रहा है। इसमें मध्यप्रदेश के तीन लाख आदि कर्मयोगी शामिल हैं।
आदि कर्मयोगी अभियान में स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, ग्रामीण विकास, वन, पंचायती राज विभाग और जल जीवन मिशन शामिल हैं। यह अभियान केन्द्र से लेकर विकासखंड स्तर तक जनजातीय विकास के संपूर्ण दृष्टिकोण को बढ़ावा देने और सार्वजनिक संस्थानों में विश्वास बढ़ाने का कार्य करेगा। आदि कर्मयोगी अभियान के प्रथम चरण में देश के 27 राज्यों के 326 जिलों को शामिल किया गया है। इसमें मध्यप्रदेश के 41 जिले शामिल हैं।