बालकों से पाक्सो एक्ट पर समय समय पर करे संवाद: न्यायाधीश राकेश सिंह
छिंदवाड़ा
21-Aug-25
सारना स्कूल में बालक-बालिकाओं को बताये उनके अधिकार
छिंदवाड़ा
स्कूलों में अध्ययनरत छात्र छात्राओं किशोर न्याय देखरेख संरक्षण अधिनियम 2015 के प्रति जागरूकता लाने के लिये शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल सारना में कार्यक्रम किया गया। इस अवसर पर न्यायाधीश एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश सिंह ने कहा की 18 वर्ष से कम उम्र के एसे बच्चे जो विधि का उल्लंघन करते हैं, उनके मामला किशोर न्याय बोर्ड मे प्रस्तुत किये जाते है जिनका विचारण किया जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चे को शारीरिक रूप से चोट पहुंचाना, भावनात्मक शोषण, शाब्दिक शोषण, मानसिक शोषण, उपेक्षा, बच्चों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में असफल, यौन शोषण, बच्चे के साथ अनुचित यौन व्;हार जैसे प्रकरणों के साथ पाक्सो एक्ट को समझने और समय-समय पर संवाद करने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य श्यामल राव ने कहा की छात्रायें निडर होकर अध्यापन करे। कोई घटना घटे तो उसकी सूचना नजदीकी थाना, प्राचार्य व टोल फ्री नम्बर 112 को अवश्य दें। विद्यार्थियों को इस आयु में केवल पढा़ई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। वर्तमान समय में छात्र मोबाईल का उपयोग फेसबुक, इंस्टाग्राम व सोशल मीडिया प्लेटफार्म का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। विद्यार्थियों से इन सबके बजाए पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए जिससे अच्छा भविष्य बनेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में शाला की प्रभारी प्राचार्य भारती त्रिवेदी, शिक्षक पी ढाकरिया, बी पी साहू, आर टेखरे, ए नारेकर, एम परतेती, सोनाली विश्वकर्मा, वी श्रीवास, अंजली सोनी का सराहनीय सहयोग रहा ।