भक्तों के कष्टों को दूर करने भगवान अवतार लेते हैं: श्री नागेंद्र ब्रह्मचारी
छिंदवाड़ा
16-Aug-25
छिन्दवाड़ा
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर स्थानीय श्री अनगढ़ हनुमान मंदिर में श्रीकृष्ण कथा चल रही है। कथा के तीसरे दिन व्यासपीठ से महामंडलेश्वर नागेंद्र ब्रह्मचारी ने कथा बताते हुए कहा कि जीवों की हत्या से बढ़कर कोई पाप नहीं होता। कंस ने संत महात्माओं एवं भक्तजनों को सताने का कार्य किया। उसके विनाश के लिए भगवान को अवतार लेना पड़ा। मंदिरों में स्थापित मूर्तियों हमारे द्वारा बनाई जाती है परंतु सृष्टि के समस्त प्राणी जीव परमात्मा के द्वारा बनाई गई मूर्तियां है इसलिये उनकी रक्षा के लिए परमात्मा को अनेकों बार किसी ना किसी रूप में अवतार लेकर हमारे बीच आते हैं। भक्त प्रहलाद की कथा बताते हुए श्री नागेन्द्र जी ने कहा कि हिरण्यकश्यप के अत्याचार के कारण भगवान खंभे से नरसिंह रूप धारण कर अवतार लिए। त्रेतायुग में रावण के अत्याचार के कारण श्री राम रूप धारण कर भगवान अवतार लिया और रावण का अंत किया। मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, पाप से दरिद्रता आती है। देवताओं की रक्षा के लिए समुद्र मंथन से लक्ष्मी जी प्रकट हुई। सत्कर्म से घर मे लक्ष्मी का निवास होता है। ,भगवान भोलेनाथ माता पार्वती की शादी की कथा भक्तों ने श्रवण की। सुंदर झांकी शिव पार्वती की बना नृत्य गान कर बाबा भोलेनाथ जी की बारात निकाली गई। भगवान कृष्ण का जन्म उत्सव एवं नंद उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा जिसमें भव्य शोभायात्रा बैंड बाजों ,नगाड़ों ,बग्गी से निकाली जाएगी कृष्ण मय होकर नन्द उत्सव होगा कथा के मुख्य यजमान प्रदीप अभिलाषा साहू ने श्रद्धालुओं माताओं बहनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पुण्य लाभ लेने का आग्रह किया है।