कलेक्टर श्री सिंह ने की शैक्षणिक गतिविधियों की गहन समीक्षा
छिंदवाड़ा
13-Aug-25
एक महीने में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित शिक्षकों पर होगी सख्त कार्रवाई
छिन्दवाडा
कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग की शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी जी.एस. बघेल, प्रभारी सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग उमेश सातनकर, डीपीसी जगदीश इड़पाचे, सहायक संचालक शिक्षा, जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी, एपीसी और बीआरसीसी उपस्थित रहे।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बैठक में जानकारी दी कि अब जेईई, नीट के साथ-साथ सीएलएटी, पीएटी, सीयूईटी, सीए आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु कक्षाएं भी प्रारम्भ की जाएंगी। कलेक्टर श्री सिंह ने सभी ब्लॉक के बीईओ से आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए की जा रही तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और निर्देश दिए कि प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म भरने से लेकर चयन के बाद बच्चों की काउंसलिंग अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
कलेक्टर श्री सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जो भी अतिथि शिक्षक पढ़ाई में लापरवाही कर रहे हैं, उन्हें तुरंत हटाया जाए। बच्चों की शिक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधारोपण करने के भी निर्देश दिए गए ताकि शीघ्र लक्ष्य प्राप्त हो सके। उन्होंने एफएलएन की पाठ्यपुस्तकों का समय पर और सही तरीके से वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
नेशनल मीन्स कम मेरिट स्कॉलरशिप परीक्षा (एनएमएमएसएस) 2025-26, जो 12 अक्टूबर को आयोजित होने वाली है, के संदर्भ में कलेक्टर श्री सिंह ने अतिरिक्त कक्षाएं लगाने के निर्देश दिए। कम रजिस्ट्रेशन होने के कारण प्रभारी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये गये, वहीं जहाँ रजिस्ट्रेशन 40% से कम है वहाँ के बीआरसी से स्पष्टीकरण मांगा गया। कलेक्टर श्री सिंह ने रजिस्ट्रेशन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।
कलेक्टर श्री सिंह ने निर्देश दिये कि कक्षा 3, 4, 5 के बच्चे अगर अगले एक महीने में हिंदी और इंग्लिश पढ़ने में सक्षम नहीं होते हैं, तो संबंधित अतिथि शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया जाएगा। एक महीने बाद पुनः मूल्यांकन किया जाएगा और स्थिति में सुधार न होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना सभी शिक्षकों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, क्योंकि किसी भी बच्चे के भविष्य के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर श्री सिंह ने यह भी कहा कि सभी शिक्षकों से पूछा जाए कि वे दो वर्ष बाद अपने विद्यालय और विद्यार्थियों को किस स्तर पर देखना चाहते हैं, ताकि शिक्षकों में भी प्रेरणा और लक्ष्य स्पष्ट रहे। साथ ही, उन्होंने रीमेडियल क्लासेस अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश दिए।