महिला आईटीआई ने ग्रेडिंग में प्रदेश में प्राप्त किया प्रथम स्थान
शिक्षा
29-Dec-25
छिंदवाड़ा
शासकीय आदिवासी महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) छिंदवाड़ा ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित अखिल भारतीय ग्रेडिंग प्रणाली में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए निर्धारित 10 अंकों में से 9.3 अंक प्राप्त कर मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि संस्था के साथ-साथ पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है।
संस्था के प्राचार्य दिनेश कुमार ने बताया कि भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा देशभर की आईटीआई संस्थाओं में प्रशिक्षण की गुणवत्ता, अधोसंरचना, प्रशासनिक दक्षता, छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के आधार पर यह ग्रेडिंग की जाती है। भारत सरकार द्वारा 0 से 10 के पैमाने पर एक मानकीकृत ग्रेडिंग सिस्टम विकसित किया गया है। जिससे देश की सभी आईटीआई संस्थाओं के बीच तुलनात्मक मानक स्थापित किए जा सकें और बेहतर कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा दिया जा सके।
संस्था के उप प्राचार्य नलिन तिवारी ने बताया कि आईटीआई में विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए ग्रेडिंग एक महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य घटक है। प्रदेश में सर्वाेच्च ग्रेडिंग प्राप्त करना केवल संस्था ही नहीं, अपितु पूरे छिंदवाड़ा जिले की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस उपलब्धि से संस्था के संसाधनों, अधोसंरचना एवं प्रशिक्षण की गुणवत्ता में और अधिक सुधार संभव हो सकेगा।
वरिष्ठ प्रशिक्षण अधिकार नेतराम चंद्राकर ने बताया कि यह संस्था विशेष रूप से बालिकाओं एवं आदिवासी समुदाय की छात्राओं के लिए संचालित की जाती है और यह सफलता संस्था के उन्नयन में मील का पत्थर साबित होगी, जिसका सीधा लाभ यहाँ अध्ययनरत छात्राओं को मिलेगा। संस्था के प्रशिक्षण अधिकारी श्री सत्येंद्र मोखलगाय ने जानकारी दी कि ग्रेडिंग के अंतर्गत प्रस्तुत किए गए डाटा का डीजीटी, नई दिल्ली द्वारा गहन परीक्षण एवं सत्यापन (डाटा वैलिडेशन) किया गया।
उल्लेखनीय है कि शासकीय आदिवासी महिला आईटीआई छिंदवाड़ा के सभी 6 ट्रेड एनसीवीटी से मान्यता प्राप्त हैं, जिससे यहाँ से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली छात्राओं को सम्पूर्ण भारत में शासकीय एवं निजी संगठनों में रोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। प्रदेश के महानगरों, संभागीय एवं जिला मुख्यालयों में स्थित अनेक संस्थाओं को पीछे छोड़ते हुए अपेक्षाकृत पिछड़े क्षेत्र में स्थित इस संस्था का प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करना यह सिद्ध करता है कि सच्ची लगन, दृढ़ निश्चय और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
इस उल्लेखनीय उपलब्धि में संस्था के अधिकारियों एवं कर्मचारियों रविकांत सोनी, अनिल वरकड़े, सत्येन्द्र मोखलगाय, दीपक रॉय, दुर्गेश टांडिया, अलका उइके, सुश्री मेघा रामटेके, लिपि शर्मा, विवेक तिवारी, राम कुमार डेहरिया, हिरेश्वर, राजकुमार, जितेन्द्र आम्रवंशी, सुश्री सविता बंसोड़, मनोहर पराड़कर, नवीन सरयाम, दुर्गेश, अंकित रघुवंशी, तुलसीराम ठाकरे, अनिल इनवाती एवं रोहित साहू का विशेष योगदान रहा।