छिंदवाड़ा शहर में जल प्रदाय व्यवस्था ठप
छिंदवाड़ा
26-Jun-26
कई मोहल्लों में पेयजल संकट गहराया
टैंकरों से भी नहीं हो पा रही पर्याप्त सप्लाई,
वार्ड पार्षद राहुल मालवीय ने संभाला मोर्चा
छिंदवाड़ा
नगर निगम में मची भर्राशाही के कारण जिला मुख्यालय में नागरिकों को एक-एक बंूद के लिए तरसना पड़ रहा है। ट्रिपल इंजन की सरकार के सारे दावे सत्ताधारी पार्टी के खोखले साबित हो रहे हैं। शहर की जल प्रदाय व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमरा गई है, जिसके कारण कई मोहल्लों में पेयजल संकट गहरा गया है। नलों में पानी नहीं पहुंचने से हजारों नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि लोगों को पीने और दैनिक उपयोग के लिए पानी जुटाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
टैंकरों से नहीं हो पा रही पर्याप्त सप्लाई
नगर निगम द्वारा टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों की संख्या अधिक होने और संसाधनों की कमी के कारण यह व्यवस्था भी नाकाफी साबित हो रही है। कई वार्डों में लोगों को घंटों इंतजार के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
नगर निगम प्रशासन ने समय रहते नहीं किए इंतजाम
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन ने समय रहते जल संकट की आशंका को गंभीरता से नहीं लिया और आवश्यक प्रबंधन नहीं किया। यदि पूर्व तैयारी की जाती तो आज शहर को इस गंभीर समस्या का सामना नहीं करना पड़ता।
पार्षद राहुल मालवीय ने अपने वार्ड में संभाला मोर्चा
इधर वार्ड क्रमांक 29 के पार्षद राहुल मालवीय ने अपने क्षेत्र में मोर्चा संभालते हुए प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने के प्रयास तेज किए। पार्षद स्वयं क्षेत्र में मौजूद रहकर जल आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी करते नजर आए।
महापौर घूमने में व्यस्त इधर जनता हो रही त्रस्त
वहीं शहर में बढ़ते जल संकट के बीच विपक्षी नेताओं और नागरिकों ने महापौर की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जब शहर पानी की समस्या से जूझ रहा है, तब महापौर विक्रम अहके समस्या के समाधान के बजाय अन्य गतिविधियों में व्यस्त दिखाई दे रहे हैं।
नागरिकों ने नगर निगम से तत्काल प्रभावी कदम उठाकर नियमित जलापूर्ति बहाल करने तथा संकटग्रस्त क्षेत्रों में पर्याप्त टैंकर उपलब्ध कराने की मांग की है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो लोगों का आक्रोश और बढ़ सकता है।