जनगणना को लेकर हो सकता है फ्रॉड, रहे सावधान
छिंदवाड़ा
29-Apr-26
जनगणना के दौरान नहीं लिया जाएगा कोई ओटीपी अथवा दस्तावेज
छिंदवाड़ा
कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी श्री नारायन ने जिलेवासियों को सर्तक और सावधान करते हुए कहा की है कि जनगणना कार्य के दौरान फ्रॉड व्यक्तियों से सावधान रहें। जनगणना कार्य के लिए किसी भी तरह के ओटीपी अथवा दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होती है, अन्यथा ये मांगे जाने पर भी किसी को न दें। जनगणना कार्य के लिए पहुंचे किसी व्यक्ति पर संदेह हो तो तत्काल कंट्रोल रूम, स्थानीय शासकीय अमले अथवा तहसीलदार, सीएमओ कार्यालय के माध्यम से पुष्टि जरूर करें। जिले में नियुक्त सभी प्रगणकों और सुपरवाइजर्स को जनगणना निदेशालय द्वारा वैद्य आई डी जारी किए गए हैं, जिनमें क्यू आर कोड भी दिया गया है। संदेह की स्थिति में क्यू आर कोड को स्कैन कर भी उनकी वैद्यता की पुष्टि की जा सकती है। प्रगणकों के घर पहुंचने पर उन्हें पूरी तरह सहयोग करें और पूछे गए निर्धारित 34 प्रश्नों के जवाब जरूर दें।
स्वगणना में प्रदेश में टॉप 5 में
बैठक में जानकारी दी गई कि 16 अप्रैल 2026 से शुरू हुए स्वगणना कार्य में अभी तक जिले के 22000 नागरिकों ने स्वगणना पूर्ण कर ली है और छिंदवाड़ा जिला प्रदेश में टॉप 5 पर है। उन्होंने शेष बचे एक दिवस 30 अप्रैल 2026 को भी अधिक से अधिक स्व गणना के लिए नागरिकों को प्रोत्साहित करने के निर्देश जनगणना कार्य से जुड़े सभी आधिकारियों को दिए।
कलेक्टर ने ली बैठक
जनगणना 2027 के तहत 16 से 30 अप्रैल 2026 तक स्व गणना कार्य के बाद 01 मई से 30 मई 2026 तक जनगणना का पहला चरण शुरू होगा। जिसके तहत मकानों की गणना और मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। जिसके लिए जिले में रिजर्व सहित 2925 प्रगणकों और 498 सुपरवाइजर्स की नियुक्त की गई है। नियुक्त प्रगणक घर - घर पहुंचकर 34 प्रश्न पूछेंगे और मकानों की गणना और सूचीकरण का कार्य करेंगे। जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियों की समीक्षा के लिए कलेक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी श्री हरेंद्र नारायन ने जनगणना कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों, सभी एसडीएम और सभी शहरी एवं ग्रामीण चार्ज अधिकारियों की बैठक ली।