छात्रावास में अव्यवस्था की शिकायत पर अधीक्षिका को हटाया, जांच समिति गठित
छिंदवाड़ा
01-Sep-26
अमरवाड़ा की छात्राओं द्वारा छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर की थी शिकायत

छिन्दवाडा
सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग छिन्दवाड़ा सतेन्द्र सिंह मरकाम ने बताया कि वीरांगना लक्ष्मी बाई आदिवासी सीनियर कन्या छात्रावास अमरवाड़ा की छात्राओं द्वारा छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्था, छात्राओं एवं पालकों के साथ दुर्व्यवहार, मेनू अनुसार भोजन उपलब्ध नहीं कराने तथा पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं में कमी संबंधी शिकायत विभाग को प्रस्तुत की गई है।
प्राप्त शिकायत के आधार पर विभाग द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी किए गए हैं। विभागीय पत्र के अनुसार छात्रावास की 8 छात्राओं द्वारा लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिसमें छात्रावास संचालन संबंधी विभिन्न अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। शिकायतों की जांच के लिए क्षेत्र संयोजक जनजातीय कार्य विभाग छिंदवाड़ा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति में श्रीमती प्रियंका सैयाम (क्षेत्र संयोजक, जनजातीय कार्य विभाग) को अध्यक्ष तथा श्रीमती सुजाता आरसे (प्राचार्य, उ.मा.शा. गोनी) एवं श्रीमती लीना निगम (उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक शाला, बिछुआ) को सदस्य नियुक्त किया गया है। समिति को तीन दिवस के भीतर जांच पूर्ण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी क्रम में शिकायतों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से वीरांगना लक्ष्मी बाई आदिवासी सीनियर कन्या छात्रावास अमरवाड़ा की अधीक्षिका श्रीमती संगीता नामदेव (मूल पद प्राथमिक शिक्षक) को आगामी आदेश तक अधीक्षक पद के प्रभार से मुक्त कर दिया गया है। उनके स्थान पर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास अमरवाड़ा की अधीक्षिका श्रीमती ज्योति बडघड़े को छात्रावास का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
सहायक आयुक्त द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्र में अधीक्षिका से छात्रावास संचालन में कथित लापरवाही, उदासीनता तथा कर्तव्य निर्वहन में अनियमितताओं के संबंध में 3 सितंबर 2026 तक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समयावधि में उत्तर प्राप्त नहीं होने पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के अंतर्गत एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।