नेता प्रतिपक्ष ने उठाया 4 माह से बुजुर्गों को पेंशन नहीं मिलने का मुद्दा
राजनीति
14-Jul-26
हंसा अंबर दाढ़े बोलीं- कमलनाथ सरकार ने बढ़ाई थी राशि
मुख्य बातें
- चार माह से पेंशन भुगतान नियमित नहीं होने का आरोप।
- बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग हितग्राहियों को हो रही परेशानी।
- कमलनाथ सरकार में पेंशन राशि 300 से बढ़ाकर 600 रुपए किए जाने का दावा।
- लंबित पेंशन राशि के तत्काल भुगतान की मांग।
छिंदवाड़ा
सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में हो रही देरी को लेकर नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष श्रीमती हंसा अंबर दाढ़े ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले चार माह से बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग हितग्राहियों को नियमित रूप से पेंशन नहीं मिल रही है, जिसके कारण उन्हें बैंक, पंचायत और शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
कई बुजुर्ग दवाईयों के लिए हो रहे मोहताज
हंसा अंबर दाढ़े ने जारी बयान में कहा कि पेंशन हितग्राहियों को कभी बजट की कमी तो कभी तकनीकी खामियों का हवाला देकर भुगतान से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन बुजुर्गों की आजीविका और दवाइयों का खर्च इसी पेंशन पर निर्भर है, वे सबसे अधिक परेशान हैं। वहीं विधवा महिलाओं और दिव्यांगजनों को भी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
भाजपा सरकार कर रही अनदेखी
उन्होंने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार प्रचार-प्रसार पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन समाज के सबसे कमजोर वर्गों को समय पर पेंशन उपलब्ध नहीं करा पा रही है। उनका कहना है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन जरूरतमंदों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, लेकिन वर्तमान सरकार इसकी अनदेखी कर रही है।
कमलनाथ सरकार का किया उल्लेख
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने अपने 15 माह के कार्यकाल में सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि में 300 रुपए की वृद्धि कर इसे 600 रुपए किया था। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार की योजना पेंशन राशि को बढ़ाकर 1,000 रुपए करने की भी थी, लेकिन सरकार गिरने के कारण यह निर्णय लागू नहीं हो सका।
तत्काल पेंशन भुगतान की मांग
हंसा अंबर दाढ़े ने प्रदेश सरकार से लंबित पेंशन राशि का तत्काल भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को उनके अधिकार के लिए भटकना नहीं पड़ना चाहिए। सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर पेंशन उपलब्ध करानी चाहिए।