विद्यार्थियों को मोटर व्हीकल एक्ट की जानकारी दी
छिंदवाड़ा
25-Jul-25
16 से 18 वर्ष की आयु में डाईविंग लाईसेंस बनाना जरूरी
छिंदवाड़ा
दिनों दिन सड़कों पर वाहनों से दुर्घटनाएं बढ़ रही है जिसका मुख्य कारण नशा कर वाहन चलाना और नाबालिग बच्चों के द्वारा दो पहिया वाहन चलाना पाया गया है। दुर्घटनाओ पर रोक लगाने के लिए यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है। यातायात के नियम तो बने है पर जागरूकता के आभाव में पालन नहीं करते। 16 से 18 वर्ष के युवाओं को भी अपना लाईसेंस बनाना जरूरी है। यदि लाईसेंस नहीं है और किसी अन्य वाहन या व्यक्ति से टकराते हैं तो बालक के साथ उनके परिवार के लोगों पर भी न्यायालीन कार्यवाही होती है। इन सब बातो को ध्यान मे रखते हुए वाहन का बीमा , लाईसेंस, ओर हेलमेट पेहनकर वाहन चलाए औंर जुर्माना से बचे।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान अंतर्गत यह बात शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल चंदनगांव में न्यायाधीश एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश सिंह, न्यायाधीश क्रष्ण कांत सोनी, विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य श्यामल राव ने व्यक्त किए। इस अवसर पर न्यायाधीश कृष्ण कांत सोनी ने कहा की कानून की जानकारी के साथ अपनी जीवन शैली में भी सुधार किया जाना चाहिए। राकेश सिंह ने कहा कि तम्बाकू का नशा का सेवन एक सामाजिक बुराई के रूप मे फैल रहा है, जो व्यक्ति को धीरे से अपने शिकंजों में जकड़ लेता है तथा उसको शारीरिक एवं मानसिक रूप से बीमार बना देता है। नशा करने वाले व्यक्ति का पूरा परिवार बिखर जाता है। श्यामल राव ने कहा की नशा करने की प्रवृत्ति विद्यार्थियों में भी बढ़ रही है यह समाज के लिए घातक है। इसे रोकना आवश्यक है। नशे के प्रति जागरूकता का परिचय देना होगा ताकी नाबालिग बच्चे अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सके। आयोजन को सफल बनाने में शाला प्रचार्य शैली यादव, शिक्षक विकास डबली, रेखा कवरेती, प्रभाकर वाडेकर, सुरेंद्र बंदेवार, रेखा वैष्णव, नोरबीना लाल, सुवर्णा चौरसिया, कल्पना माहोरे आदि का सहयोग रहा।