भैंसदंड में विद्यार्थियों को दी बच्चों के अधिकार की जानकारी
छिंदवाड़ा
07-Jul-25
छिंदवाड़ा
कानून में दिए गए नाबालिग बच्चों को अधिकार से यदि कोई उन्हें वंचित करता है तो इसके लिए सजा का प्रावधान है लेकिन इसकी जागरूकता नाबालिग बच्चों में होना आवश्यक है और इसी बात की जानकारी देने के लिए भैंसदंड पी एम श्री शासकीय हाई स्कूल में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की बाल-अनुकूल कानूनी सेवाएँ योजना 2024 का उद्देश्य अठारह वर्ष से कम आयु के बच्चों के कानूनी अधिकारों और सुरक्षा को बढ़ाना है, जिसमें बच्चे के सर्वाेत्तम हितों पर जोर दिया गया है। यह योजना बच्चों के लिए एक सहयोगात्मक वातावरण प्रदान करने और उन्हें कानूनी सहायता सुलभ बनाने का प्रयास करती है, जिसमें विभिन्न प्रकार के जोखिमों और चुनौतियों का सामना कर रहे बच्चे शामिल हैं। योजना के मुख्य बिंदुओं में यह योजना बच्चों के सर्वाेत्तम हितों को सर्वाेपरि रखती है, जिसमें उन्हें न्याय और संरक्षण तक पहुँच सुनिश्चित करता है तथा यह योजना कानूनी सहायता तक पहुँच योजना विधि से संघर्षरत बालक, यौन अपराधों से प्रभावित बच्चे, तस्करी के शिकार बच्चे, बाल विवाह के शिकार बच्चे, और विकलांग बच्चों सहित सभी बच्चों के लिए कानूनी सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करती है साथ ही यह योजना में जागरूकता कार्यक्रम और प्रशिक्षण आयोजित करता है ताकि बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी मिल सके और वे उनका लाभ उठा सकें। यह बच्चों को स्कूल में प्रवेश या पुनः प्रवेश के लिए भी जागरूक करता है।
विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य श्यामल राव ने कहा की इस योजना में बच्चों के लिए मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएँ स्कीम 2024 के तहत लीगल सर्विस यूनिट फॉर चिल्ड्रन (बच्चों के लिए कानूनी सेवा इकाई) का गठन किया गया है साथ ही यह योजना पुलिस, श्रम विभाग और अन्य संबंधित प्राधिकरणों के साथ समन्वय स्थापित करती है ताकि निर्देशों का पालन किया जा सके और मामलों पर आगे की कार्रवाई की जा सके एवं बच्चों के लिए गोद लेने, आर्थिक संरक्षण और पालन-पोषण जैसी गैर-संस्थागत सेवाओं के बारे में जागरूकता फैलाने पर भी जोर दिया जाता है।आयोजन को सफल बनाने मे पी एल व्ही यशोदा सूर्यवंशी ग्राम की संरपंच वर्षा यदुवंशी, सचिव सुनील कपाले , शिक्षक कैलाश मिश्रा ,दिलीप शैरके,शर्मिला सल्लाम, सुनंदा सोनी,शोभा काटकर शांति ठाकुर,कमलेश यदुवंशी, रेवाराम सल्लाम का सराहनीय सहयोग रहा ।
विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य श्यामल राव ने कहा की इस योजना में बच्चों के लिए मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएँ स्कीम 2024 के तहत लीगल सर्विस यूनिट फॉर चिल्ड्रन (बच्चों के लिए कानूनी सेवा इकाई) का गठन किया गया है साथ ही यह योजना पुलिस, श्रम विभाग और अन्य संबंधित प्राधिकरणों के साथ समन्वय स्थापित करती है ताकि निर्देशों का पालन किया जा सके और मामलों पर आगे की कार्रवाई की जा सके एवं बच्चों के लिए गोद लेने, आर्थिक संरक्षण और पालन-पोषण जैसी गैर-संस्थागत सेवाओं के बारे में जागरूकता फैलाने पर भी जोर दिया जाता है।आयोजन को सफल बनाने मे पी एल व्ही यशोदा सूर्यवंशी ग्राम की संरपंच वर्षा यदुवंशी, सचिव सुनील कपाले , शिक्षक कैलाश मिश्रा ,दिलीप शैरके,शर्मिला सल्लाम, सुनंदा सोनी,शोभा काटकर शांति ठाकुर,कमलेश यदुवंशी, रेवाराम सल्लाम का सराहनीय सहयोग रहा ।