समाजसेवी और पहलवान सीताराम विश्वकर्मा पंचतत्व में विलीन
छिंदवाड़ा
17-Apr-26
छिंदवाड़ा
शहर की सबसे बडे़े और पौराणिक धार्मिक क्षेत्र छोटी बाजार में जन्मे और पले बढ़े समाजसेवी और पहलवानों की नई पीढ़ी तैयार करने वाले उस्ताद सीताराम विश्वकर्मा का गुरूवार की रात्रि नागपुर में निधन हो गया था। शुक्रवार की दोपहर उनकी अंतिम यात्रा उनके निज निवास छोटी बाजार से निकली। मोक्षधाम में उनके पुत्र द्वारा मुखाग्नि दी गई। उनकी अंतिम यात्रा में शहर के नागरिक और सामाजिक बंधु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उनके निधन से विश्वकर्मा समाज और छोटी बाजार क्षेत्र में शोक व्याप्त है।
समाजसेवी और पहलवान की थी पहचान
सीताराम विश्वकर्मा की पहचान जिले में समाजसेवी और पहलवान के रूप में थी। विश्वकर्मा समाज में उनका नाम बड़े ही सम्मान के साथ लिया जाता था क्योंकि शहर में विश्वकर्मा समाज के सामूहिक विवाह सम्मेलन में उनका बहुत बड़ा और सक्रिय योगदान रहा। इसके अलावा दादा धूनी वाले से पुराना पावर हाउस तथा बोरिया से मोक्षधाम तक दो सड़कों की स्वीकृति दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही। उन्होंने अकेले ही जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर इन सड़कों का निर्माण करवा दिया।
अस्त्र-शस्त्र से किया युवा पहलवानों ने विदा
जीवन भर अखाड़े में पहलवान तैयार करने वाले उस्ताद को अंतिम विदाई देते हुए युवा पहलवान भावुक हो उठे और अस्त्रों-शस्त्रों का प्रदर्शन करते हुए उस्ताद को विदा किया।बच्चों- बेटियों से लेकर युवाओं को वे हमेशा अखाड़े से जुड़ने के लिए प्रेरित करते थे। वे बच्चों के लिए बाल अखाड़े का आयोजन भी करते और क्षेत्र के विकास की नई नई योजना सुझाने और उसके क्रियान्वयन हमेशा सक्रिय रहते थे