शिल्पी रोहित रूसिया को मिला राज्य स्तरीय विश्वकर्मा पुरस्कार
मध्यप्रदेश
11-Aug-26
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रथम पुरस्कार से किया सम्मानित
शिल्प कला के क्षेत्र में बनाई उत्कृष्ट पहचान

छिन्दवाडा
कला केवल आजीविका का साधन नहीं होती, बल्कि वह किसी क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और पहचान को भी जीवंत बनाए रखती है। छिंदवाड़ा जिले के शिल्पी रोहित रूसिया ने अपनी प्रतिभा और अथक परिश्रम के बल पर यही साबित किया है। शिल्प कला के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए उन्हें विश्वकर्मा पुरस्कार योजनांतर्गत प्रदेश स्तरीय प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
भोपाल के मिन्टो हॉल में आयोजित कबीर बुनकर एवं विश्वकर्मा पुरस्कार समारोह में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्री रूसिया को शॉल, श्रीफल एवं एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिल्पकारों के बीच छिंदवाड़ा के शिल्पी का प्रथम पुरस्कार प्राप्त करना जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है।
रोहित रूसिया लंबे समय से शिल्प कला के क्षेत्र में कार्यरत हैं। उनके कार्यों में पारंपरिक भारतीय शिल्प की सुंदरता, स्थानीय संस्कृति की झलक और नवीनता का समावेश देखने को मिलता है। उन्होंने अपने हुनर के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि पारंपरिक कलाओं को संरक्षित करते हुए उन्हें आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप भी विकसित किया जा सकता है। उनकी कृतियां न केवल कलात्मक दृष्टि से आकर्षक हैं, बल्कि स्थानीय शिल्प परंपरा को भी नई पहचान प्रदान करती हैं।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओ.डी.ओ.पी. मार्ट एवं ‘द मृगनयनी’ वेब पोर्टल का लोकार्पण भी किया। इन पहलों का उद्देश्य स्थानीय बुनकरों, शिल्पियों, कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों को उनके उत्पादों के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध कराना तथा उन्हें बिचौलियों की व्यवस्था से मुक्त कर आत्मनिर्भर बनाना है। रोहित रूसिया को प्राप्त यह सम्मान छिंदवाड़ा जिले की समृद्ध शिल्प परंपरा और यहां के कारीगरों की उत्कृष्ट प्रतिभा का सम्मान है। इससे जिले की हस्तशिल्प कला को प्रदेश स्तर पर नई पहचान मिली है।