श्रद्धा, भक्ति और आस्था का त्रिवेणी संगम बना बुधवारी का शैलपुत्री मंदिर
धर्म
24-Mar-26
251 घट स्थापना के साथ प्रतिदिन हो रही मां की सेवा
छिंदवाड़ा
शैलपुत्री माता मंदिर बुधवारी बाजार में 19 मार्च से प्रारंभ चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन माता शैलपुत्री के विशेष पूजन अर्चना के साथ लगभग 251 घटों को पूर्ण आस्था के साथ श्रद्धालुओं द्वारा प्रज्वलित किया गया। शैलपुत्री माता मंदिर समिति के अध्यक्ष पं शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि मां शैलपुत्री के प्रतिदिन अनुपम श्रृंगार के साथ शाम 7 बजे देवी की उपासना प्रारंभ होती है। प्रतिदिन नन्ही बालिका को दुर्गा स्वरूप मानते हुए उनके पैर धुलवाकर पूजन अर्चन के साथ आरती प्रारंभ होती है तथा फलाहारी भंडारे का आयोजन किया जाता है।

उन्होंने बताया कि पंचमी को आरती उपरांत उपस्थित समस्त माता बहनों को सुहाग के रूप में चूड़ियां तथा कुमकुम सिंदूर भेंट की गई। 26 मार्च को अष्टमी पर कन्या भोज एवं हवन किया जाएगा। 27 मार्च रामनवमी के दिन दोपहर 3 बजे से घट विसर्जन किया जाएगा जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रहती है।
उन्होंने बताया कि मंदिर में परंपरा है घट विसर्जन में शामिल समस्त मातृशक्ति को भेंट स्वरूप साड़ी दी जाती है। इस परंपरा का निर्वहन शारदेय और चैत्र नवरात्र दोनों अवसर पर किया जाता है। घट विसर्जन के बाद महाप्रसाद का आयोजन भी मंदिर समिति द्वारा किया जाता है। विशेष उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्रि तथा शारदेय नवरात्रि में मां शैलपुत्री दरबार में प्रतिदिन भजन-जस के अलावा अन्य आयोजन किए जाते हैं जिसमें बड़ी संख्या में भक्तगण शामिल होते हैं। प्रथम दर्शना मां शैलपुत्री मंदिर शहर में आस्था, श्रद्धा और विश्वास का संगम बन चुका है। प्रतिदिन यहां संपूर्ण भक्तिभाव के साथ सुबह-शाम आरती होती है।