सिवनी विधायक की संभाग न बनने देने की धमकी, भाजपा नेताओं के मुंह पर लगा ताला: चौधरी
छिंदवाड़ा
12-Feb-26
छिन्दवाड़ा
छिन्दवाड़ा की भूमि पर एक बाहरी भाजपा नेता चुनौती देकर चले गए कि छिन्दवाड़ा को संभाग नहीं बनने देंगे, यह छिन्दवाड़ा के समूचे भाजपा नेताओं के मुंह पर तमाचा है। सिवनी से भाजपा विधायक के बयान पर लटवार करते हुए चौरई विधायक सुजीत चौधरी ने उक्त उदगार व्यक्त किए।

श्री चौधरी ने जारी बयान में कहा कि भाजपा नेता नहीं चाहते छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र का विकास हो। धनबल, षड्यंत्र व छलबल से विकास विरोधी भाजपाइयों ने मिलकर कांग्रेस की सरकार गिराई और विकास की गति को पूरी तरह रोक दिया। भाजपा ने सत्ता में आते ही छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र से बदला लेते हुए सम्पूर्ण योजनाओं का पहले तो बजट रोका फिर कई योजनाओं और परियोजनाओं पर विराम लगा दिया। मेडिकल कॉलेज आज भी आधा है, .विश्वविद्यालय व हॉटिकल्चर कॉलेज के पास स्वयं का भवन नहीं है। एग्रीकल्चर कॉलेज को खुलने नहीं दिया। टेक्सटाइल पार्क, सिंचाई कॉम्प्लेक्स सहित अनेकों अनेक योजनाओं को साकार नहीं होने दिया। भाजपा ने हमेशा ही विरोध की राजनीति की है, जबकि कमलनाथ एवं नकुलनाथ ने हमेशा ही छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए राजनीति की है।
स्थानीय भाजपाईयों के मुंह पर तमाचा मार गए सिवनी विधायक
सिवनी विधायक मुनमुन राय छिन्दवाड़ा जिले के समूचे भाजपाई नेताओं के मुंह पर तमाचा मारकर गए हैं। उन्होंने तमाचा भी ऐसा मारा कि भाजपाइयों की जुबान नहीं खुल पा रही। छिन्दवाड़ा की भूमि पर आकर भाजपाई विधायक ने सबसे पहले तो धमकी दी कि वे किसी भी सूरत में छिन्दवाड़ा को संभाग नहीं बनने देंग, फिर चुनौती दी कि हिम्मत हो तो संभाग बनाकर दिखाएं। पूरे भाजपाई जुबानी जंग में कुटते-पिटते रहे और आज तक कोई जवाब नहीं दिया। इसकी सबसे बड़ी और एकमात्र वजह है भाजपा जिसे आज नहीं कभी भी नहीं चाहा कि छिन्दवाड़ा में भरपूर विकास हो, हां यह अवश्य चाहा कि जारी विकास कार्यों को किस तरह रोका जाए, इसके लिए उन्होंने पूरी ताकत और लगन के साथ कांग्रेस का विरोध किया है। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि सत्ताधारी दल के विधायक ने छिन्दवाड़ा में आकर ललकारा कि वह छिन्दवाड़ा को संभाग नहीं बनने देगा। कमलनाथ एवं नकुलनाथ के कार्यकाल में किसी भी राजनीतिक दल के नेता ने इतनी हिम्मत नहीं जुटाई कि वह छिन्दवाड़ा की भूमि पर आकर इस तरह ललकारे। स्थानीय भाजपाइयों के पास विकास के नाम पर बताने के लिए कुछ नहीं है यह बात तो सार्वजनिक है, अब भविष्य की योजनाओं के क्रियान्वयन की भी हिम्मत नहीं है, क्योंकि उनकी ही पार्टी के नेता धमकी और चुनौती दोनों देकर जा रहे, सत्ता शासन और सांसद सबकुछ भाजपा का फिर भी भाजपाईयों के मुंह पर ताला लगा है।