प्रदूषण बोर्ड ने 116 इकाइयों को जारी किए नोटिस
छिंदवाड़ा
06-May-26
छिन्दवाडा
म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय छिंदवाड़ा द्वारा अपने कार्यालयीन क्षेत्र के अंतर्गत जिला छिंदवाड़ा, पांढुर्णा एवं बैतूल में संचालित उन इकाइयों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है, जिन्होंने बोर्ड से जल/वायु सम्मति तो प्राप्त की, परंतु वैध संचालन सम्मति के बिना ही कार्य जारी रखा। इस संबंध में जिला छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा की 84 तथा जिला बैतूल की 32, कुल 116 उद्योग इकाइयों एवं संस्थानों को जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1974 एवं वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1981 के तहत संचालन सम्मति प्राप्त करने के लिये नोटिस जारी किए गए हैं।
क्या कहता है नियम
उल्लेखनीय है कि बिना वैध सम्मति के स्थापित अथवा संचालित इकाइयों के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय इंदौर एवं जबलपुर में प्रकरण लंबित है, जिसमें ऐसी इकाइयों की अद्यतन स्थिति नियमानुसार प्रस्तुत की जानी है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि बिना सम्मति के निरंतर संचालन करना जल एवं वायु अधिनियम की धाराओं का उल्लंघन है, जो एक दंडनीय अपराध है। इसके लिए संबंधित अधिनियमों की धारा 44 एवं 37 के तहत उद्योग/इकाई संचालकों के विरुद्ध न्यायालयीन कार्रवाई कर दंड (कैद, जुर्माना या दोनों) दिया जा सकता है। साथ ही अधिनियमों की धारा 33(क) एवं 31(क) के प्रावधानों के अंतर्गत इकाइयों की सभी सुविधाएं समाप्त कर उन्हें बंद करने का प्रावधान भी है।
इसके अतिरिक्त, इकाइयों के संचालन के दिनों के आधार पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति भी अधिरोपित की जा सकती है। बोर्ड द्वारा सभी इकाइयों को निर्देशित किया गया है कि वे 7 दिवस के भीतर बोर्ड की वेबसाइटwww.mppcb.mp.gov.in.पद पर XGN सॉफ्टवेयर के माध्यम से सशुल्क ऑनलाइन आवेदन करें।
नोटिस के अंतर्गत शामिल इकाइयों में फ्लाई एश ब्रिक्स 02, बिल्डिंग प्रोजेक्ट 03, कोल्ड स्टोरेज 01, क्रेशर इकाइयां 05, फायर क्रैकर्स 02, एच.सी.एफ.एस. (निजी चिकित्सालय/नर्सिंग होम) 18, हॉट मिक्स प्लांट 03, होटल 06, अन्य उद्योग 44, मैरिज लॉन 04, पावर प्लांट 01, पावर स्टेशन 01, वेयरहाउस 24 एवं वर्कशॉप 02 शामिल हैं।