पुलिसकर्मियों को 14 लाख रुपये तक सहायता मिलेगी
मध्यप्रदेश
27-May-26
मध्यप्रदेश पुलिस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना न्यासी मंडल की बैठक में निर्णय
भोपाल
पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश पुलिस स्वास्थ्य सुरक्षा योजना न्यासी मंडल की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिसकर्मियों एवं उनके आश्रित परिवारजनों को अधिक प्रभावी, सरल एवं व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों एवं सुधारात्मक प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में स्वास्थ्य सुरक्षा योजना को वर्तमान समय की आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक संवेदनशील एवं व्यावहारिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान योजना के अंतर्गत आश्रित सदस्यों की पात्रता, कैशलेस उपचार की सुविधा, गंभीर बीमारियों के उपचार, आकस्मिक परिस्थितियों में चिकित्सा सहायता तथा उपचार प्रक्रिया को सरल बनाने जैसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में प्रदेश के अधिक से अधिक शासकीय मान्यता प्राप्त निजी चिकित्सालयों को योजना से जोड़ने पर बल दिया गया, ताकि पुलिसकर्मियों को अपने जिले अथवा निकटतम क्षेत्र में कैशलेस उपचार की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सके। वर्तमान में प्रदेश के अंदर 55 तथा प्रदेश के बाहर 4 निजी चिकित्सालयों सहित कुल 59 अस्पतालों से योजना अंतर्गत अनुबंध किया गया है। सभी इकाई प्रमुखों को स्थानीय स्तर पर और अधिक अस्पतालों से समन्वय स्थापित कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में निर्णय पारित किया गया कि कानून-व्यवस्था ड्यूटी, अपराध विवेचना के दौरान हिंसा, पुलिस वाहन अथवा किराये के पुलिस वाहनों की दुर्घटना में घायल पुलिसकर्मियों सहित कैंसर, किडनी एवं लीवर ट्रांसप्लांट, ओपन हार्ट सर्जरी जैसे गंभीर उपचार मामलों में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बाद शेष राशि का भुगतान पीएचपीएस निधि से किया जाए। साथ ही कोमा अथवा पैरालिसिस की स्थिति में भी सहायता प्रदान की जाएगी। वर्तमान 50 प्रतिशत अंतर राशि को बढ़ाकर शत-प्रतिशत करने का प्रस्ताव है, जिसकी अधिकतम सीमा 14 लाख रुपये निर्धारित की गई है।
बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक श्री आदर्श कटियार, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए. साईं मनोहर, योगेश चौधरी, सोलोमन यश कुमार मिंज उप पुलिस महानिरीक्षक अवधेश गोस्वामी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. रूही चंद्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।