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होटल, मैरिज गार्डन, अस्पताल व उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति अनिवार्य

होटल, मैरिज गार्डन, अस्पताल व उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की अनुमति अनिवार्य
छिंदवाड़ा
24-Feb-26
उच्च न्यायालय के निर्देश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सख्त, उल्लंघन पर होगी वैधानिक कार्रवाई

छिन्दवाडा

क्षेत्रीय अधिकारी म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड छिन्दवाड़ा श्एम.पी. तिवारी ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय, इंदौर खंडपीठ में विचाराधीन जनहित याचिका क्रमांक 48095/2025 के निर्देशानुसार जिले में स्थापित एवं संचालित सभी कॉलोनी एवं भवन परियोजनाएँ (जिनका क्षेत्रफल 2000 वर्गमीटर या उससे अधिक तथा 01 हेक्टेयर से अधिक है), होटल, मैरिज गार्डन, अस्पताल, औद्योगिक इकाइयाँ तथा अन्य सभी संस्थान जो जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 एवं वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की परिधि में आते हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जल एवं वायु सम्मति प्राप्त करना होगा। जिन इकाइयों ने बिना सम्मति के स्थापना अथवा संचालन किया है या जिनकी सम्मति का नवीनीकरण नहीं कराया गया है और वे संचालित हैं, उन्हें नियमानुसार आवश्यक अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि संबंधित सभी इकाइयों को 10 मार्च 2026 के पूर्व बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट
www.mppcb.mp.gov.in के माध्यम से IEMS एवं XGN पोर्टल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना सुनिश्चित करना होगा। बोर्ड द्वारा श्रेणीवार सम्मति की वैधता अवधि भी निर्धारित की गई है, जिसके अंतर्गत लाल श्रेणी की इकाइयों के लिए 05 वर्ष, नारंगी श्रेणी की इकाइयों के लिए 10 वर्ष तथा हरी श्रेणी की इकाइयों के लिए 15 वर्ष की अवधि निर्धारित है। निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक सम्मति प्राप्त नहीं करने की स्थिति में माननीय न्यायालय के आदेशों के पालनार्थ संबंधित अवैध इकाइयों के विरुद्ध न्यायालयीन कार्यवाही की जाएगी।
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