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विश्व युवा कौशल दिवस पर पीजी कॉलेज में ऑनलाइन व्याख्यान

विश्व युवा कौशल दिवस पर पीजी कॉलेज में ऑनलाइन व्याख्यान
शिक्षा
15-Jul-26
39 शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से हुए शामिल

छिन्दवाडा

प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय पीजी कॉलेज छिंदवाड़ा में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर आज संभाग स्तरीय ऑनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट एवं पांढुर्णा जिले के 39 शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा विभाग जबलपुर डॉ.अल्केश चतुर्वेदी ने कहा कि बदलते समय में केवल शैक्षणिक डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि कौशल विकास ही सफलता और आत्मनिर्भरता का आधार है। उन्होंने कहा कि ष्कौशल वह पूंजी है, जिसे कोई चुरा नहीं सकता।ष्

कार्यक्रम की अध्यक्षता जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष भारत घई ने की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार द्वारा महाविद्यालयों में रोजगार एवं स्वरोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रारंभ कराए गए हैं, जिससे युवा राष्ट्र और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के सहायक निदेशक डॉ.गोविंद सिंह राय ने विद्यार्थियों से अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप तकनीकी, डिजिटल और व्यवहारिक कौशल विकसित करने का आह्वान किया। संभागीय नोडल अधिकारी डॉ. अरुण शुक्ला ने कहा कि किसी भी देश और व्यक्ति का विकास कौशल के बिना संभव नहीं है।

आयोजक एवं संभागीय नोडल अधिकारी डॉ.पी.एन.सनेसर ने बताया कि यह आयोजन एक नवाचार है, जिसके माध्यम से चार जिलों के 39 शासकीय महाविद्यालयों के विद्यार्थी एक साथ लाभान्वित हो रहे हैं। रिसोर्स पर्सन एवं जिला उद्योग केंद्र छिंदवाड़ा की महाप्रबंधक श्रीमती ओजस्वी काले ने स्टार्टअप, स्वरोजगार, उद्योग स्थापना, ऋण एवं वित्तीय सहायता संबंधी शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। वहीं डॉ. पंकज कुमार गहरवार ने अपने प्रस्तुतीकरण में संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता, समय प्रबंधन, सेवा भावना तथा कौशल विकास के विभिन्न अवसरों पर प्रकाश डालते हुए इन्हें युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला बताया।

प्रभारी प्राचार्य डॉ. अनिल जैन ने कहा कि ज्ञान और कौशल का समन्वय ही सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी कर स्वयं को रोजगारोन्मुख, आत्मनिर्भर और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ.पी.एन.सनेसर ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी और विद्यार्थियों से इनका अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. टिकमणी पटवारी ने किया।

ऑनलाइन कार्यक्रम में सिवनी से डॉ.एम.एस.बघेल, बालाघाट से प्रो.ए.के. पंचारिया, पांढुर्णा से डॉ. पैलेंद्र डहेरिया, छिंदवाड़ा से डॉ.जे.एम. पूषाम सहित सभी 39 महाविद्यालयों के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट अधिकारी तथा विद्यार्थी जुड़े। महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. हर्षलता उईके, डॉ.पखाले, डॉ. सोसन्ना लाल, डॉ. निधि डोडानी, प्रो. महेंद्र साहू, डॉ. रामशंकर दियावर, डॉ. मंसाराम उईके, श्री गिरीश विश्वकर्मा सहित छात्र-छात्रायें संकल्प विश्वकर्मा, चंचलेश साहू, भूमिका, योगेश डहेरिया एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे
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