बार-बार बैंक बुलाकर लोगों को परेशान न करें अधिकारी: कलेक्टर
छिंदवाड़ा
10-Feb-26
कई महत्वपूर्ण योजनाओं में बैंकों द्वारा लोन नहीं देने पर कलेक्टर ने जताई नाराजगी
छिंदवाड़ा
जिले में शासन की विभिन्न स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन ने आज कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय सलाहकार समिति (डीएलसीसी) की बैठक आयोजित ली। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए शासन द्वारा स्पोंसर्ड योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं में लक्ष्य प्राप्ति अभी भी लंबित है। इनमें पशुपालन के लिए केसीसी योजना में 19 प्रतिशत, मत्स्य पालन के लिए केसीसी योजना में 26 प्रतिशत, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना में 76 प्रतिशत, पीएमएफएमई योजना में 50 प्रतिशत, पीएम स्वनिधि योजना में 82.13 प्रतिशत तथा पीएम विश्वकर्मा योजना में 37 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति हुई है।
कलेक्टर श्री नारायन ने सभी बैंकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है, लंबित योजनाओं में तेजी लाकर शीघ्र ही शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को सभी लंबित योजनाओं में प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं सीधे तौर पर स्वरोजगार, आजीविका और आत्मनिर्भरता से जुड़ी हैं, इसलिए पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ मिलना बेहद जरूरी है। बैंकर्स आवेदकों के बैंक पहुंचने पर उसी दिन सभी तरीके के डॉक्यूमेंट सत्यापन कर पात्रता, अपात्रता से उन्हें अवगत करा दें, बार - बार बैंक बुलाकर परेशान न करें। इससे प्रकरणों की स्वीकृति में अनावश्यक विलंब होता है और पात्र हितग्राहियों के आवेदन लंबित रह जाते हैं। शीघ्र लक्ष्य पूर्ति और आमजन को सुविधा के लिए इस व्यवस्था में आवश्यक सुधार लाएं। साथ ही अब तक स्वीकृत हो चुके सभी प्रकरणों में ऋण वितरण भी शीघ्र सुनिश्चित करें।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत अग्रिम कुमार, एसडीएम परासिया शुभम कुमार यादव, महाप्रबंधक जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र आर.एस. उइके, प्रभारी लीड बैंक मैनेजर, जिले के सभी बैंकों के जिला समन्वयक तथा स्वरोजगार योजनाओं से जुड़े विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर श्री नारायन ने समन्वय के साथ कार्य करने और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर दिया, ताकि जिले के अधिक से अधिक नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके और शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।