रक्षाबंधन, बलराम जयंती एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर होंगे अनेक आयोजन
छिंदवाड़ा
26-Aug-26
छिन्दवाडा

रक्षाबंधन, बलराम जयंती एवं श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेश में विभिन्न आयोजन होंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, संस्कृति, किसान कल्याण तथा कृषि विकास,महिला एवं बाल विकास,लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा,पर्यटन,जेल,गृह, पशुपालन,जनजातीय कार्य विभाग सहित कमिश्नर और कलेक्टर्स को निर्देश जारी किए है।
रक्षाबंधन पर्व पर आयोजन
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी परिपत्र अनुसार रक्षाबंधन पर्व 28 अगस्त, 2026 को सामाजिक रिश्तों से प्रकृति तक विस्तार कर जल, प्रकृति और पर्यावरण से गहन संबंध के रक्षण का संकल्प एवं आह्वान के लिए विभिन्न वर्ग को जोड़ने के लिए एक राखी एक संकल्प, रक्षासूत्र एक राखी एक रिश्ता, पेड़ को राखी-प्रकृति से भाईचारा जैसी गतिविधियाँ जनसहभागिता के साथ आयोजित की जायेगी। छात्रों के लिए स्कूलों में प्रकृति की रक्षा के लिए कहानी, पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी। रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में प्रसंग के अनुरुप आयोजन होंगे।
बलराम कृषि महोत्सव पर आयोजन
बलराम जयंती 2 सितम्बर 2026 के अवसर पर बलराम कृषि महोत्सव के तहत कृषि संबंधी पारंपरिक कलारुपों की विशेष प्रस्तुतियों के साथ आधुनिक कृषि उपकरण एवं बीज और प्राकृतिक खेती केन्द्रित प्रदर्शनी, सह-संवाद जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जायेगी।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर प्रतियोगिताएं एवं सांस्कृतिक आयोजन
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितम्बर 2026 को प्रदेशभर में भव्य स्तर पर मनायी जायेगी। जन्माष्टमी बाललीला का पर्व है, इसीलिए बच्चों को विशेष रूप से आयोजनों से जोड़ने के लिए स्कूलों में मटकी प्रतियोगिता, बांसुरी प्रतियोगिता, जीवंत झांकी निर्माण, श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों पर तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता, छोटे बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के बालस्वरूप में तैयार कर विशेष प्रस्तुति स्कूलों में आयोजित होगी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रत्येक जिले में कृष्ण मंदिरों,मठों, देवालयों का विशेष श्रृंगार एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों में स्वच्छता अभियान, मटकी सज्जा प्रतियोगिता, मटकी फोड़ प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, स्थानीय कलाकारों द्वारा बांसुरी वादन, भजन गायन, झांकी (श्कृष्ण जन्मश्, श् वृंदावनश्, श्गोवर्धन पूजाश्, गीता उपदेश जैसी जीवंत झांकियाँ, दीप-प्रज्ज्वलन एवं सामुहिक आरती जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जायेगी।
छात्रावासों एवं आश्रम शालाओं में होंगी कृष्णमय गतिविधियां
जनजातीय क्षेत्र के छात्रावासों/आश्रम शालाओं को भी भजन प्रतियोगिता, श्रीकृष्ण वेशभूषा, चित्रकला आदि आयोजन होंगे। साथ ही जनजातीय एवं ग्राम संस्कृति से जुड़े हुए प्रसंगों एवं आख्यानों यथा जनजातीय वर्ग द्वारा बांसुरी वादन, साज-सज्जा में मोरपंख का उपयोग जैसे प्रतिमानों के महत्व एवं महात्म के विस्तार के लिए गतिविधियाँ आयोजित की जायेगी। प्रदेश के गौशालाओं में साफ-सफाई, गौपूजन, गौ-रक्षासूत्र एवं स्वास्थ्य परीक्षण संबंधी शिविरों का आयोजन किया जायेगा।