Home News Helpline Classified Jobs About Contact

मानसून सत्र में पेश होगा मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता-2026 विधेयक

मानसून सत्र में पेश होगा मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता-2026 विधेयक
मध्यप्रदेश
19-Jul-26
मोहन यादव कैबिनेट की मंजूरी

8 अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों को भी मिली स्वीकृति;

73 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन का रास्ता साफ

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (यूसीसी)-2026 विधेयक को मंजूरी दे दी गई है। आगामी मानसून सत्र में इसे विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा। मंत्रिपरिषद ने इसके लिए विधि एवं विधायी कार्य विभाग को आवश्यक संवैधानिक और प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अधिकृत किया है।

गौंड वंश के ऐतिहासिक दुर्ग जगदीशपुर स्थित चमन महल में आयोजित कैबिनेट बैठक में समानता और न्याय की भावना को समर्पित इस महत्वपूर्ण निर्णय के साथ प्रदेश सरकार ने 8 अन्य विधेयकों को भी विधानसभा में पेश करने की मंजूरी प्रदान की है।

कैबिनेट ने मध्यप्रदेश निरसन विधेयक-2026, मध्यप्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक-2026, मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक-2026, मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक-2026, मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक-2026, मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2026, मध्यप्रदेश श्रम शक्ति संहिता-2026 तथा मध्यप्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026 को भी मंजूरी दी है।

73 स्वास्थ्य संस्थाओं का होगा उन्नयन

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए 73 स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन को भी मंजूरी दी है। इसके लिए 776 करोड़ 13 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस निर्णय से प्रदेश के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

योजना के तहत 29 उप स्वास्थ्य केंद्रों को 6 बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 19 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल तथा 7 संस्थाओं को 100 बिस्तरीय अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा।

1600 नए नियमित पद होंगे सृजित

स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन के साथ ही 1600 नियमित एवं 71 संविदा पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा 560 कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त किया जाएगा। इन व्यवस्थाओं पर प्रतिवर्ष 122.83 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय होगा। प्रदेश सरकार का मानना है कि स्वास्थ्य संस्थाओं के विस्तार और उन्नयन से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उनके नजदीक उपलब्ध हो सकेंगी।

मानसून सत्र में रहेंगी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं

मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता-2026 सहित अन्य विधेयकों को आगामी विधानसभा मानसून सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। माना जा रहा है कि यह सत्र प्रदेश की विधायी और प्रशासनिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहेगा, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम, उद्योग और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है।
Share News On