भगवान कृष्ण ने अपनी लीलाओं से दिए अनेक संदेश: नागेन्द्र ब्रम्हचारी
छिंदवाड़ा
06-Jun-26
छिन्दवाड़ा
स्थानीय अनगढ़ हनुमान मंदिर में आयोजित श्रीमद भागवत कथा में व्यासपीठ से नागेन्द्र ब्रह्मचारी ने कथा के छटवें दिन भगवान कृष्ण की बाल लीला का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान कृष्ण ने गोपियों को प्रेम का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा प्रेम में स्वार्थ नहीं त्याग होता है। सुदामा चरित्र की कथा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे संबंध होते हैं जिनमें कुछ करने प्रदान करने का अवसर प्राप्त होता है। मित्रता ढाल और तलवार के समान होती है। जब अच्छा समय होता है तो ढाल पीठ पर होती है तो वहीं संकट के समय सामने आ जाती है। श्री कृष्ण के लिए सुदामा ने सारी विपत्तियों को अपने ऊपर ले लिया क्योंकि सुदामा श्री कृष्ण से अथाह प्रेम करते थे। वे नहीं चाहते थे कि मेरा मित्र श्रापित चने खाए जो गुरुमाता ने दिये। उन्होंने कहा मित्रता स्वार्थ रहित होनी चाहिए। आज कृष्ण-रूकमणी विवाह की सुंदर झांकी कथा स्थल पर सजाई गई जहां भगवान जी का विवाह लीला की गई।