सूखे नाले में बांध बनाकर सुर्खियां बंटोर रहा जन अभियान परिषद
छिंदवाड़ा
13-Dec-25
सरकारी पैसों की बंदरबांट का जरिया बना जनअभियान परिषद कार्यक्रम
छिंदवाड़ा
जनहित के कार्यों में जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार अनेक अभियान चलाती है जिसमें आम नागरिकों से सहभागिता का आव्हान किया जाता है। जन अभियान परिषद की इकाईयों के माध्यम से इस व्यवस्था का समन्वय सरकार, प्रशासन और आम नागरिकों के बीच बनता है। जन अभियान परिषद की इकाईयों के माध्यम से जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण सहित जागरूक करने के अभियान समय-समय पर चलाए जाते हैं इन्हीं अभियानों की कड़ी में 12 दिसंबर को विकासखंड जुन्नारदेव के सेक्टर क्रमांक 4 दमुआ के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नंदना के ग्राम रतवाडोल के जंगल में नाले के उपर बोरी बंधान का निर्माण किया गया । बताया जा रहा है कि लगभग 60 बोरियों से इस बंधान का निर्माण किया गया।
सूखे नाले में बनाया बंधान
बारिश जा चुकी है और लगभग जिले भर के सभी छोटे-छोटे नाले सूख चुके हैं। यहां तक कि छोटी और मध्यम आकार की नदियां भी सूख चुकी है। ऐसे में सूखे नाले पर बोरी बांध बनाने का औचित्य क्या है यह समझ से परे हैं। यही नहीं सूखे नाले पर बांध बनाकर ग्रामीणों को जल संचयन के बारे में जानकारी दी जा रही है कि कैसे जीवन के लिए जल अनमोल है। जनअभियान परिषद की पूरी टीम इस बोरी बंधान के पास फोटो खिंचवा कर सुर्खियां बंटोरने, अपनी कामों की फाइल तैयार करने और इसमे खर्च होने वाली राशि की बंदरबांट करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
20-25 बोरियों से बनाया और बता रहे 60 बोरी
जन अभियान परिषद द्वारा जारी की गई फोटो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि बांध निर्माण में 20-25 बोरियों का ही उपयोग किया गया है लेकिन इस कार्य को 60 बोरी का बांध बताया जा रहा है। यह भी समझ से परे हैं। यही बांध बारिश के पूर्व बनाए जाते हैं तो शायद इसे बनाने का उददेश्य पूरा होता लेकिन ठंड के दिनों में सूखे नाले में बोरी बंधान बनाना सवाल खड़े कर रहा है।
इनकी उपस्थिति में हुआ यह कार्य
इस कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक संजय बामने, परामर्शदाता श्रीमती योगिता मर्सकोले, श्रीमती दीपा पाटिल, एमएसडब्ल्यू छात्र अमन अरसे, विशाल बेलवंशी, ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति रतवाढोल के अध्यक्ष मुकेश वेलवंशी, ग्रामीण जन अवधेश बेलवंशी, मनीष आरसिया, ब्रजेश बेलवंशी, सुभाष अहाके, उमेश पंद्राम, रिंकेश भलावी, गजनलाल बेलवंशी, विकास इरपाची, श्रीमती कलियाबाई बेलवंशी व श्रीमती लक्ष्मी वर्मा आदि